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मेरठ में दिनदहाड़े कार सवार ने की महिला के अपहरण की कोशिश, लोगों ने एक आरोपी को दबोचा

दिनदहाड़े कार सवार बदमाशों ने महिला का अपहरण करने का प्रयास किया।

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मेरठ

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Iftekhar Ahmed

Sep 23, 2017

kidnapping

मेरठ. थाना सिविल लाइन छेत्र में उस वक़्त सनसनी मच गई, जब दिनदहाड़े कार सवार बदमाशों ने महिला का अपहरण करने का प्रयास किया। गनीमत यह रही कि महिला के शोर मचाने पर वहां मौजूद लोगों ने महिला को बदमाशों के चुंगल से बचा लिया। वहीं कार में सवार एक बदमाश को पकड़कर वहां मौजूद लोगों ने जमकर पिटाई कर दी।

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इस हादसे का शिकार होने से बची महिला ने बताया के उसके अपहरण का प्रयास करने वाला कोई और नहीं उसका पति है, तो सब लोग चौक गए। पीड़ित महिला का नाम इज़राना है। वह मीरापुर जिला मुजफ्फरनगर निवासी है। उसकी छ महीने पहले ही मेरठ के थाना दौराला के लावड़ में शादी हुई थी। शादी के बाद से ही उसका पति महिला को पीटने लगा और परेशान करने लगा था। इसी मामले की शिकायत करने के लिए पीड़िता अपने माता-पिता के साथ पति के खिलाफ महिला थाने में तहरीर देने आई थी। जब महिला के पति को इसकी जानकरी हुई तो उसने अपने साथियों के साथ महिला का अपहरण करने का प्रयास किया, ताकि उसके खिलाफ कोई क़ानूनी कर्रवाई न हो। मगर वह अपने मकसद में कामयाब न हो सका। फिलहाल, महिला का पति मौके से फरार हो गया, लेकिन उसके साथ आए युवक को पुलिस ने हिरासत में लेकर भागे गए लोगों के बारे में पूछताछ करने में जुटी है।

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सरकार लगातार महिलाओं को न्याय दिलाने की बातें करती है, लेकिन इस तरह की घटनाएं समाज में पूरे पुलिस प्रशासन और सरकार के ऊपर सवाल खड़े कर देती है। यदि सरकार और पुलिस ठीक तरह से कार्रवाई करे तो इस तरह की घटनाए नहीं देखने को मिलेगी, लेकिन कहीं ना कहीं इस तरह की जो घटनाएं समाज में आए दिन देखने को मिलती है तो यह पुलिस की ढुलमुल कार्यशैली की एक वजह हो सकती है। लोगों में या तो पुलिस का खौफ नहीं है, या फिर न्याय की ढीली प्रक्रिया का आपराधी तत्व फायदा उठाते हैं। उन लोगों को लगता है यदि वह कुछ ऐसा करेंगे तो सब चीजें मैनेज कर देंगे, जिस वजह से महिलाओं को यूंही उत्पीड़न देखने को मिलता है। आज इस महिला के साथ यह घटना मात्र SSP कार्यालय से चंद कदमों की दूरी पर घटी। इसलिए भी इस पर सवाल खड़े हो रहे हैं, क्या लोगों की इतनी हिम्मत है कि शहर का कप्तान और तमाम अधिकारियों के कार्यालय होने के बावजूद अपराधी अपहरण जैसी घटना को अंजाम देने की कोशिश करते हैं । एक पति, जिसका भले ही अपनी पत्नी के साथ एक सामाजिक बंधन है, लेकिन उसे यह कतई अधिकार नहीं है कि वह अपनी अर्धांगिनी को इस तरह से समाज के सामने उठाने का प्रयास करें। या यूं कहें कि उसको बेइज्जत करने का प्रयास करें । यह तो शुक्र है कि इस समाज के ही कुछ लोगों ने इस महिला को बचा लिया, नहीं तो इस महिला का अपहरण हो जाता । इसके बाद इसके साथ न जाने इसका पति क्या कर बैठता, लेकिन पुलिस अधिकारियों को इस तरह के लोगों को सबक सिखाने के लिए और पुलिस की साख बचाने के लिए कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि आगे इस तरह की कोई घटना ही न हो ।