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शहीद इंस्पेक्टर का हुआ अंतिम संस्कार, ADG-SSP ने दिया कंधा, बेटे की सिसकियों ने नम की हर आंख

"पापा, एक बार तो बोल दो…प्लीज कुछ तो कह दो…" बेटे मंजीत की यह चित्कार मेरठ पुलिस लाइन में माहौल को गमगीन कर गई। शहीद इंस्पेक्टर के पार्थिव शरीर से लिपटकर बेटा फूट-फूटकर रोने लगा तो उसकी सिसकियों ने वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं।

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मेरठ

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Aman Pandey

Jan 23, 2025

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शामली एनकाउंटर में शहीद हुए यूपी STF इंस्पेक्टर सुनील कुमार का पार्थिव शरीर सुबह 9 बजे गुरुग्राम से मेरठ पुलिस लाइन लाया गया। करीब 10:30 बजे परिजन उनका पार्थिव शरीर मसूरी लेकर पहुंचे तो कोहराम मच गया। श्रद्धांजलि देते हुए सुनील कुमार का बेटा फफक पड़ा। जब रोते-बिलखते बेटे मंजित ने कहा कि 'पापा, एक बार तो बोल दो…प्लीज कुछ तो कह दो' तो वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।

सुनील को अंतिम विदाई के लिए उमड़ पड़ा लोगों का हुजूम

सुनील के अंतिम विदाई के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। घर से श्मशान घाट तक हजारों लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए। इस दौरान सुनील चौधरी अमर रहे के नारे लगते रहे। श्मशान घाट पर शव से लिपटा तिरंगा इंस्पेक्टर के भाई को सौंपा गया। इसके बाद बेटे मंजीत सिंह ने शहीद पिता को मुखाग्नि दी।

इन अधिकारियों ने दिया कंधा

इससे पहले, मेरठ पुलिस लाइंस में ADG डीके ठाकुर, DIG कलानिधि नैथानी, SSP विपिन टाडा, SSP STF घुले सुशील चंद्रभान ने शहीद के शव को कंधा दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में एसटीएफ के जवान मौजूद रहे।

20 जनवरी को एनकाउंटर के दौरान हो गए थे घायल

सुनील कुमार की टीम ने 20 जनवरी की रात उन शामली में कग्गा गैंग के 4 बदमाशों का एनकाउंटर किया था। मुठभेड़ में इंस्पेक्टर के पेट में दो गोली लगी थी।सुनील कुमार को गुड़गांव के मेदांता अस्पताल ले जाया गया, जहां सर्जरी की गई थी। हालांकि, 36 घंटे जिंदगी-मौत से लड़ने के बाद इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने बुधवार को अंतिम सांस ली। सीएम योगी ने शहीद के परिजनों को 50 लाख मदद का ऐलान किया। परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिलेगी। एक सड़क का नामकरण भी शहीद के नाम पर किया जाएगा।