
मेरठ। पहले बागपत उसके बाद मुजफ्फरनगर फिर मेरठ में हुई वकीलों की निर्मम हत्या से वकीलों में आक्रोश है। अधिवक्ताओं ने कहा कि आज भाजपा राज में वकीलों की निर्मम हत्याएं हो रही है। आक्रोशित वकीलों ने एसएसपी अजय साहनी से कहा एसएसपी साहब और कितने वकीलों का कत्ल होगा। पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी हुई है। कुछ नहीं हो रहा है। इस पर एसएसपी ने हत्यारोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया।
अधिवक्ता मुकेश शर्मा हत्याकांड के विरोध में अधिवक्ताओं ने एसएसपी कार्यालय पर जमकर हंगामा किया। अधिवक्ताओं ने मुख्य आरोपियों और शूटरों की गिरफ्तारी न होने पर नाराजगी जाहिर की। इस पर एसएसपी ने अधिवक्ताओं को जानकारी दी कि तीन आरोपियों पर दस-दस हजार रूपये के इनाम की घोषणा की जा चुकी है। हत्यारोपियों को जल्द ही पुलिस गिरफ्तार कर लेगी। एसएसपी ने जानकारी दी कि हत्यारोपियों के घर की कुर्की और और उनके घेराबंदी की तैयारी चल रही है। मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मांगेराम ने एसएसपी से कहा कि वेस्ट यूपी में अधिवक्ता सुरक्षित नहीं है। आए दिन अधिवक्ताओं की हत्याएं हो रही हैं। मेरठ में मुकेश शर्मा और बागपत जिले में जाहिद की हत्या हुई। ऐसे में अधिवक्ताओं को मुकदमा लडऩे के लिए भी सोचना पड़ रहा है।
उन्होंने अधिवक्ताओं को शस्त्र लाइसेंस न मिलने का भी मामला उठाया। इसके अलावा मानीटरिंग मीटिंग में कचहरी के एक अधिवक्ता को शामिल करने की मांग की गई। एसएसपी ने अधिवक्ताओं की मांग पर आश्वासन देकर कहा कि आरोपियों की जल्द ही गिरफ्तारी होगी। वहीं अधिवक्ताओं ने एसएसपी से मृतक अधिवक्ता के परिवार के लिए 50 लाख रूपये मुआवजे की मांग और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी की बात रखी। अधिवक्ताओं का कहना था उनको कोई ग्रेच्युटी या फंड तो होता नहीं है। लिहाजा उन्हें सरकार की तरफ से यह मुआवजा दिया जाए।
Published on:
22 Oct 2019 12:19 pm
