
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ. अब गली-मोहल्लों, चौराहों और ठेलों पर खुलेआम तंबाकू और सिगरेट बेचना गुजरे जमाने की बात होगी। अगर ऐसा करते पाए गए तो यह अपराध की श्रेणी में आएगा और जुर्माने के साथ जेल भी हो सकती है। प्रदेश सरकार (UP Government) ने अब तंबाकू और सिगरेट की ब्रिकी पर सख्ती कर दी है। सिगरेट और तंबाकू की ब्रिकी के लिए अब लाइसेंस (License of Tobacco Sellers) लेना अनिवार्य होगा। यह व्यवस्था मेरठ सहित प्रदेश के 16 नगर निगमों में लागू की गई है। इन निगमों में मेरठ, गाजियाबाद, मुरादाबाद, अलीगढ़, आगरा, फिरोजाबाद, सहारनपुर, वृंदावन-मथुरा, अयोध्या, कानपुर, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, झांसी, बरेली और शाहजहांपुर शामिल हैं। जहां पर लाइसेंस प्रणाली को लागू किया जाएगा।
बता दें कि अपर मुख्य सचिव नगर विकास डॉ. रजनीश दुबे ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। साथ ही सभी नगर निगमों को इस प्रणाली को अपने यहां लागू करने के संबंध में अपने यहां बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पारित कराने के बाद 31 जुलाई तक लागू करने करने और शासन को सूचना भेजने का निर्देश दिया गया है। इस प्रणाली के लागू होने के बाद नगर निगम सीमा क्षेत्र में कोई भी दुकानदार बिना लाइसेंस के तंबाकू उत्पाद व सिगरेट आदि की बिक्री नहीं कर पाएगा। लाइसेंस के बिना कोई भी कॉमर्शियल मॉल, थोक बाजार, बिग बाजार, स्पेंसर्स, जनल मर्चेंट, किराना दुकान, गुमटी आदि पर तंबाकू उत्पादों की बिक्री नहीं होगी।
बिना लाइसेंस बेचने पर ये होगी कार्रवाई
बिना लाइसेंस के बिक्री करते हुए पाए जाने पर जुर्माना का भी प्रावधान किया गया है। बिना लाइसेंस के तंबाकू उत्पाद की बिक्री करते हुए पहली बार पकड़े जाने पर 2000 रुपए जुर्माना व सामान जब्त कर लिया जाएगा। जबकि दूसरी बार पकड़े जाने पर 5000 रुपए जुर्माना देना होगा। इसी प्रकार तीसरी बार पकड़े जाने पर 5000 जुर्माना वसूलने के साथ ही विक्रेता के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाएगी।
Published on:
13 Jun 2021 09:47 am

बड़ी खबरें
View Allमेरठ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
