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जान हथेली पर लेकर करता रहा डबल मर्डर केस की पैरवी, जज ने सुनाई सजा तो आए आंसू

जो उम्र पढ़ने और करियर बनाने की होती है। उस उम्र में उसने गांव में दोहरा हत्याकांड होते देखा। पुलिस ने चश्मदीद गवाह बनाया तो हत्यारोपियों ने जान से मारने की धमकी दी। तरह तरह प्रताड़ना देकर जेल भिजवा दिया। उसके बाद से उसने ठान लिया कि हत्यारोपियों को सजा दिलवाकर रहेगा। कोर्ट कचहरी और अदालत के चक्कर काटकर आखिरकार उसने हत्यारोपियों को उम्र कैद की सजा दिलवा दी।

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मेरठ

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Kamta Tripathi

Jun 01, 2022

जान हथेली पर लेकर करता रहा डबल मर्डर केस की पैरवी, जज ने सुनाई सजा तो आए आंसू

जान हथेली पर लेकर करता रहा डबल मर्डर केस की पैरवी, जज ने सुनाई सजा तो आए आंसू

थाना फलावदा के गांव सनोता में दो भाइयों की हत्या के मामले में आठ आरोपियों को उम्रकैद दिलवाने में गवाह की बहुत अहम भूमिका रही है। हत्यारों को सजा मिल गई। लेकिन गवाह को अब भी जान का खतरा बना हुआ है। इस गवाह को जान से मारने की धमकी से लेकर गैंगस्टर और अन्य कई मामलोें में फंसाया गया। लेकिन उसके बाद भी इस गवाह ने हार नहीं मानी। इतना ही नहीं गवाह ने हत्यारोपियों को सजा दिलवाने के लिए अपनी पढ़ाई छोड़ दी और पूरा करियर दाव पर लगा दिया। जिस उम्र में युवक पढ़ाई कर अपना करियर बनाने के लिए जिंदगी के अहम मोड़ पर होते हैं। उस उम्र में ये युवा हत्यारोपियों को सजा दिलवाने के लिए कोर्ट और वकीलों के चेंबर में अपनी जिंदगी के कीमती साल बर्बाद कर रहा था।

अखिरककार इस गवाह की दोहरे हत्याकांड के आरोपियों में से आठ को कोर्ट ने उम्र कैद की सजा सुनाई। आरोपियों को जिस समय सजा सुनाई गई। उस दौरान गवाह कोर्ट में ही मौजूद थे। उसने जब फैसला सुना तो उसकी आंखों में पानी भर आए और लगा जैसा उसने जीवन की बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली हो।
पांच साल पहले हुए दोहरे हत्याकांड मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या 15 हर्ष अग्रवाल ने आठ आरोपियों धर्मवीर,हाजी गुलफाम,दरियाव, अशोक, मदन, रवि, शाहिद के अलावा आसिफ को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

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इस दोहरे हत्याकांड मामले में गवाह शोएब उर्फ बबलू पर कचहरी परिसर में हमला भी करवाया गया। गवाह शोएब उर्फ बबलू ने चैंबर में घुसकर जान बचाई थी। इसके अलावा उस पर तरह—तरह के दबाव बनाए गए। शोएब इस दोहरे हत्याकांड का एकमात्र चश्मदीद गवाह था। उसने अपनी पढ़ाई छोड़कर दोहरे हत्याकांड के आरोपियों को सजा दिलाने की ठान ली।