73 साल के बुजुर्ग को लगी कोरोना की पांच डोज़, छठी का गया मैसेज

सीएमओ मेरठ डॉक्टर अखिलेश मोहन ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। यदि इस तरह का मामला है तो जांच में शामिल किया जाएगा।

By: Nitish Pandey

Published: 20 Sep 2021, 04:18 PM IST

मेरठ. उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में स्वस्थ विभाग कोरोना को भगाने में ज्यादा ही चुस्ती फुर्ती दिखा रहा है। इसलिए तो कभी मृत युवती को कोरोना की वैक्सीन लगा दी जाती है तो कभी 73 साल के बुजुर्ग को 5 शॉट लगाए जाने के बाद छठे के लिए मैसेज भेजा जाता है।

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छठी डोज का गया मैसेज

मामला सरधना के मोहल्ला धर्मपुरी का है। जहां निवासी रामपाल (73) ने कोरोना से बचाव के लिए दोनों टीके लगवा लिए हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की हद यह है कि उनके नाम पर जो प्रमाणपत्र जारी किया गया है, उसमें तीन बार में पांच डोज लगना दर्शाया गया है। यही नहीं, छठी डोज की संभावित तिथि भी दे दी गई है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग पर अनदेखी का आरोप लगाया है। रामपाल हिंदू युवा वाहिनी में नगर संयोजक के साथ भाजपा के नगर के 79 बूथ अध्यक्ष हैं। उन्होंने बताया कि 16 मार्च को कोरोना से बचाव का पहला और आठ मई को दूसरा टीका लगवाया।

इसके बाद उन्हें प्रमाणपत्र की आवश्यकता हुई तो सीएचसी पर संपर्क साधा। भाजपा नेता का कहना था कि प्रमाणपत्र नेट पर उपलब्ध नहीं है। कुछ दिन बाद स्वास्थ्य विभाग की मांग पर उन्होंने दोबारा आईडी उपलब्ध करा दी। महीने भर तक वह प्रमाणपत्र के लिए घूमता रहा।

इसके बाद वह अपना ऑफलाइन टीकाकरण कार्ड लेकर कंप्यूटर सेंटर पर पहुंचा और कोरोना वैक्सीनेशन के पोर्टल से अपना ऑनलाइन प्रमाणपत्र चेक कराया। यहां उसे पता चला कि उसे दो बार नहीं, बल्कि पांच बार वैक्सीनेशन दर्शाया गया है। साथ ही छठा टीका आठ दिसंबर से जनवरी 2022 के बीच में लगवाने के लिए तिथि दी गई है। उसे पहली डोज 16 मार्च, दूसरी डोज आठ मई, तीसरी डोज 15 मई को दर्शायी गई है। चौथी व पांचवीं डोज एक ही दिन 15 सितंबर को दर्शायी गई है।

फरहा के टीकाकरण मामले की चल रही जांच

मोहल्ला सराय अफगनान निवासी फरहा की चार माह पूर्व मौत होने के बाद उसे कोरोना वैक्सीन का टीका लगाए जाने का संदेश छह सितंबर को परिजनों के मोबाइल पर पहुंच गया था। परिजनों ने सीएचसी पहुंचकर मामले की जांच कराई तो फरहा को टीका लगना दर्शाया गया, जबकि बीमारी के चलते चार माह पूर्व उसकी मौत हो चुकी थी। सीएमओ ने प्रकरण की जांच के लिए दो सदस्यीय टीम गठित की है।

सीएमओ मेरठ डॉक्टर अखिलेश मोहन ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। यदि इस तरह का मामला है तो जांच में शामिल किया जाएगा।

BY: KP Tripathi

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