
मेरठ। बसपा सुप्रीमो मायावती (Mayawati) की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। पूर्व विधायक योगेश वर्मा और उनकी पत्नी महापौर सुनीता वर्मा का पार्टी से निष्कासन करने के बाद पार्टी के नेताओं का इस्तीफा देने का सिलसिला चल रहा है। एक दिन पहले तक पार्टी के 17 निगम पार्षदों व पदाधिकारियों ने इस्तीफा था तो अब एक पार्षद समेत 20 पदाधिकारियों ने योगेश व सुनीता के समर्थन में पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। महापौर सुनीता वर्मा का कहना है कि बसपा से पार्षदों और पदाधिकारियों को मोहभंग हो रहा है। इसी कड़ी में पार्षद समेत 20 पदाधिकारियों ने पार्टी से इस्तीफा दिया है।
मायावती ने पिछले दिनों हस्तिनापुर के पूर्व विधायक योगेश वर्मा और उनकी पत्नी महापौर सुनीता वर्मा को निष्कासित कर दिया था। उन पर आरोप था कि दोनों पार्टी के खिलाफ गतिविधियों में शामिल हैं। पति-पत्नी पर कभी भाजपा तो कभी सपा के नेताओं के सम्पर्क में आने की चर्चाएं सामने आयी। इस पर मायावती ने योगेश व सुनीता को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। योगेश वर्मा का पार्टी में कितनी गहरी पकड़ है, उनके निष्कासन के बाद देखने को मिल रहा है। दरअसल, उनके निष्कासन के बाद से बसपा में स्थानीय स्तर पर काफी उबाल है। एक दिन पहले 17 पार्षद और पदाधिकारी पार्टी से अपना इस्तीफा दे चुके थे तो अब एक पार्षद समेत 20 नगर पंचायत व ब्लॉक स्तर पर पदाधिकारियों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।
इस्तीफा देने वालों में वार्ड 86 के पार्षद व नगर निगम कार्यकारिणी के उपाध्यक्ष इकरामुद्दीन के साथ-साथ नगर पंचायत व ब्लॉक स्तर पर बसपा पदाधिकारी सीताराम, मनोज जाटव, अशोक कुमार, ब्रजपाल मोरना, शेखर, रनवीर, पूर्व प्रधान चमन सिंह, पूर्व प्रधान लककुश, कृष्णपाल, पूर्व प्रधान भारत, सचिन, मोमीन खान, इंतजार, बीडीसी सदस्य महेंद्र, राकेश, इंद्रजीत, शीशपाल, रतिभान व रामगोपाल शामिल हैं। पार्षद इकरामुद्दीन ने महापौर को अपने इस्तीफे के साथ पार्टी की सदस्यता की रसीद भी दे दी। महापौर सुनीता वर्मा ने फिर दोहराया कि उनका पार्टी से जिस तरह निष्कासन किया गया है, वह गलत है।
Published on:
17 Nov 2019 08:18 am
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