3 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

UP Roadways ARM Recruitment: MBA पास युवाओं को मिलेगी यूपी रोडवेज में ARM की नौकरी, जाने सेलरी और अन्य शर्ते

UP Roadways ARM Recruitment: यूपी रोडवेज में अब MBA पास युवकों को बडे पदों पर नौकरी मिलेगी। MBA पास युवक अब रोडवेज डिपो के ARM बन सकेंगे। इसके लिए यूपी रोडवेज जल्द ही विज्ञापन जारी करेगा।

2 min read
Google source verification

मेरठ

image

Kamta Tripathi

Sep 03, 2023

UP Roadways

यूपी के सभी जिलों में निकलेगी रोडवेज में ARM की भर्ती।

UP Roadways ARM Recruitment: यूपी राज्य सड़क परिवहन के रोडवेज डिपो पर ARM अब MBA पास युवा होंगे। मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (MBA) डिग्री वालों को अब यूपी रोडवेज में बड़े पदो पर नौकरी मिलेगी। यूपी रोडवेज एमबीए पास एआरएम के पद की यह नौकरी सरकारी नहीं होगी। एआरएम के पद पर एमबीए पास युवकों को ये नौकरी ठेके पर मिलेगी। यूपी रोडवेज में अब संविदा पर सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (ARM) तैनात किए जाएंगे। इससे यूपी रोडवेज में अधिकारियों की कमी को आउटसोर्सिंग के जरिए पूरा किया जाएगा। इसे लेकर यूपी रोडवेज मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) ने प्रदेश के सभी रीजनल मैनेजर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए निर्देश जारी किए हैं। इतना ही नहीं, शासन से हरी झंडी मिलने के बाद परिवहन निगम ने अधिकारियों की कमी को आउटसोर्स से पूरा करने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। जिसके तहत प्रदेश भर में 50 से 60 ARM की तैनाती की जाएगी।

लिखित परीक्षा के साथ इंटरव्यू और मेडिकल टेस्ट
रोडवेज के सीनियर अधिकारी बीएल मिश्रा ने बताया कि यूपी रोडवेज डिपो पर संविदा पर ARM तैनात किए जाने की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है। संविदा पर तैनात ARM को महीने में करीब 50 हजार रुपए सेलरी दी जाएगी। इसके लिए लखनऊ हेडक्वार्टर से विज्ञापन जारी किया जाएगा। MBA डिग्री धारकों का लिखित परीक्षा के साथ इंटरव्यू और मेडिकल टेस्ट के बाद ARM पोस्ट पर तैनाती की जाएगी।

यूपी रोडवेज में ARM की कमी
बता दे यूपी रोडवेज अधिकारियों और कर्मचारियों की ककमी से जूझ रहा है। जिस वजह से काम प्रभावित होने लगा है। अधिकांश डिपो में हालत ये है कि सुपरवाइजर स्तर के रोडवेजकर्मियों को ARM की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है।

यह भी पढ़ें : PVVNL News: पीवीवीएनएल का मिशन 'फोन घुमाओ' शुरु, जानिए क्या है बिजली विभाग को अभियान

निजीकरण की तरफ यूपी रोडवेज
यूपी रोडवेज भी अब मप्र परिवहन निगम की तरह निजीकरण की ओर जा रहा है। अधिकारियों की भर्ती नहीं होने से मुश्किलें बढ़ रही हैं। रोडवेज डिपो में ड्राइवर और कंडक्टर नहीं है। जो तैनात हैं उनकी सही ढंग से निगरानी नहीं हो रही। इसे देखते हुए ही अब सरकार ने यूपी रोडवेज को रेलवे की तर्ज पर चलना शुरू कर दिया है। ड्राइवरों और कंडक्टर की संविदा पर भर्ती के बाद अधिकारियों की तैनाती भी संविदा पर करना इस तरफ इशारा कर रहा है।