5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गजब: कोरोना से मृत व्यक्ति का अस्पताल ने बनाया लाखों का बिल, सांसद का फोन जाते ही हो गया 80 हजार

Highlights सांसद ने किया हस्ताक्षेप तो हुआ 80 हजार आए दिन सुर्खियों में रहते हैं सुभारती और संस्थापक भुगतान नहीं होने पर मेडिकल कालेज ने शव देने से किया इंकार

2 min read
Google source verification

मेरठ

image

Rahul Chauhan

Oct 06, 2020

coronavirus_in_rajasthan

मेरठ। आए दिन सुर्खियों में रहने वाला एक प्राइवेट मेडिकल कालेज ने एक और कारनामा कर दिखाया है। इस मेडिकल कालेज ने कोरोना से हुई मौत के बाद मृतक का बिल 4.67 लाख का बना दिया। इसको लेकर काफी हंगामा हुआ। मामला सांसद राजेन्द्र अग्रवाल तक पहुंचा तो उनके हस्ताक्षेप से 4.67 लाख का बिल पल भर में 80 हजार का हो गया। 80 हजार का भुगतान करने के बाद ही सुभारती ने शव परिजनों को सौंपा।

बागपत रोड स्थित देवपार्क कालोनी निवासी संजीव शुक्ला को कोरोना संक्रमण के कारण बाईपास स्थित प्राइवेट मेडिकल कालेज के प्राइवेट वार्ड में भर्ती कराया गया था। जहां पर उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई।

परिजनों ने जब शव मांगा तो उनके हाथ में 4:67 लाख का बिल थमा दिया गया। जिसे देखकर परिजनों के होश उड़ गए। परिजनों ने इतना लंबा—चौड़ा बिल भरने से इंकार किया तो मेडिकल प्रशासन ने शव देने से इंकार कर दिया। इस पर मेडिकल कालेज परिसर में हंगामा हो गया। मामला सांसद राजेंद्र अग्रवाल तक पहुंचा तो उन्होंने मेडिकल प्रशासन से बात की। जिसके बाद 4.67 लाख का बिल 80 हजार का कर दिया गया। इसके बाद 80 हजार रूपये सौंपने के बाद ही परिजनों को मरीज का शव मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी भिजवा दिया। वहीं प्राइवेट मेडिकल कालेज समूह के अतुल कृष्ण का कहना है कि बिल कोरोना नियमों के अनुसार ही बनाया गया था। मरीज की मौत हो जाने पर परिजन अपनी मर्जी से जो भुगतान करते हैं वही ले लिया जाता है।

सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि प्राइवेट अस्पताल कोरोना के इलाज के नाम पर अनाप-शनाप बिल बना रहे हैं। उन्होंने डीएम से इसकी जांच के लिए कहा है। डीएम के बालाजी ने बताया कि अस्पताल ने इतना बिल कैसे बना दिया। इसकी जांच करवाई जाएगी।

पहले भी सुर्खियों में रहा है प्राइवेट मेडिकल कालेज और एक अस्पताल :—

इससे पहले भी कई बार यह प्राइवेट मेडिकल कालेज और इसी से जुड़ा एक अस्पताल सुर्खियों में रह चुके हैं। प्राइवेट मेडिकल कालेज में बने कोविड वार्ड के कई वीडियो भी वायरल हो चुके हैं। जो कि खुद वहां पर भर्ती मरीजों ने किए थे। जिसमें दूषित और कीडा पड़ा खाना दिए जाने के साथ ही अव्यवस्था के भी थे। वहीं सम्राट पैलेस स्थित एक प्राइवेट अस्पताल के खिलाफ भी नौचंदी थाने में रिपोर्ट दर्ज की जा चुकी है। जिसमें अस्पताल प्रशासन पर आरोप है कि जब कोरोना मरीजों की हालात अधिक खराब हुई तो उन्हें मेडिकल रेफर किया गया। जहां पर उनकी मौत हो गई। इस संबंध सीएमओ स्तर से एक जांच भी करवाई गई थी।