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सिलेंडर बने आग का गोला, लाखों रुपये की मिठार्इ आैर ब्रेकरी का सामान हुआ खाक, फायर ब्रिगेड को इतने घंटे लगे बुझाने में

यहां सो रहे कारीगरों को सुरक्षित निकाल लिया गया, पुलिस आग के कारणों को तलाशने जुटी

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meerut

सिलेंडर बने आग का गोला, लाखों रुपये की मिठार्इ आैर ब्रेकरी का सामान हुआ खाक, फायर ब्रिगेड को इतने घंटे लगे बुझाने में

मेरठ। थाना रेलवे रोड अंतर्गत आनंदपुरी कालोनी स्थित प्रतिष्ठित रोहताश स्वीट्स एंड ब्रेकरी में रविवार की देर रात भीषण आग लग गई। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक आग लाखों की मिठाइयां और ब्रेकरी आइटम्स को खाक कर चुकी थी। आग की विकरालता को देखते हुए आसपास के मकानों को भी खाली करवा लिया गया। ब्रेकरी में रखे गैस सिलेंडर आग की चपेट में आकर फट गए। जिससे उनके टुकड़े हवा की कई सैकड़ों फुट ऊपर तक उछले। आग ने रोहताश स्वीट्स की पूरी तीनों मंजिलों को अपने कब्जे में ले लिया।

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बिल्डिंग में फंसे कारीगरों को निकाल लिया गया

ऊपरी मंजिल में मिठाई बनाने वाले कारखाने में काम करने वाले कर्मचारी सो रहे थे। करीब एक दर्जन कर्मचारी भी ऊपरी मंजिल में आग लगने से उसकी चपेट में आ गए, लेकिन फायर विभाग की हाइड्रोलिक लिफ्ट की मदद से उनको बचाया जा सका। आग लगने से आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। सुबह चार बजे तक आग बेकाबू रही। उसके बाद आग पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने किसी तरह से काबू पाया। आग में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

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अचानक बिल्डिंग में से निकलने लगा धुंआ

जैननगर निवासी रोहताश अग्रवाल की रोहताश ब्रेकरी और मिठाई की दुकान है। वह महानगर के प्रतिष्ठित मिठाई विक्रेता है। रात में दस बजे वे अपनी दुकान बंद कर घर चले गए। उनकी दुकान के ऊपरी तल पर मिठाई बनाने वाले कारीगर सोते हैं। जिनकी संख्या करीब 10 के लगभग है। रात करीब 12.45 पर पड़ोसियों ने बिल्डिंग के भीतर से धुंआ और आग की लपटें निकलती देखी तो शोर मचा दिया। सूचना पर पूरा मोहल्ला जाग गया और मालिक रोहताश अग्रवाल भी दुकान पहुंच गए। आग ने पलभर में भयंकर रूप ले लिया। आसपास के लोगों ने आग बुझाने का भी प्रयास किया, लेकिन आग बेकाबू हो चुकी थी। पुलिस लाइन से फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियां सबसे पहल मौके पर पहुंची। भीतर रखे गैस सिलेंडर फटने लगे और इसके बाद धमाके होने लगे। धमाके इतने भीषण थे कि इमारत के हिस्से को भी दहला दिया। ऊपर सो रहे कर्मचारियों को फायर ब्रिगेड और पुलिस ने हाइड्रोलिक लिफ्ट की मदद से बाहर निकाला।

आसपास के इलाके को खाली कराया

आग की विकरालता को देखते हुए पुलिस ने आसपास की बिल्डिंग को भी खाली करा लिया था। लोगों को वहां से सुरक्षित स्थान पर भेजा गया। इसके बाद बिजली विभाग से लाइन बंद करने के लिए कहा गया। आसपास के सैकड़ों लोगों ने आग लगने के कारण सड़क पर रात बिताई। इसके बाद तेज धमाकों के साथ गैस सिलेंडर फटे तो ब्रेकरी की तीनों मंजिलों में आग पहुंच गई।

एक दर्जन गाड़ियों ने आग पर पाया काबू

सीएफओ अजय कुमार शर्मा ने बताया कि आग पर काबू पाने के लिए एक दर्जन फायर गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। तब जाकर आग पर काबू पाया जा सका। उन्होंने कहा कि अभी आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। वैसे माना जा रहा है कि आग शार्ट सर्किट के कारण ही लगी होगी।