
'समान नागरिक संहिता बर्दाश्त नहीं, शरीयत पर अमल करेंगे मुसलमान'
Meerut News: समान नागरिक संहिता कानून को लेकर मेरठ में पहले हिंसा हो चुकी है। अब शहरकाजी प्रोफेसर जैनुस साजिद्ीन ने भी इसका विरोध किया है। उन्होंने बकरीद की नमाज के बाद कहा कि मुसलमान समान नागरिक संहिता कानून को बर्दाश्त नहीं करेगा। मुसलमानों के लिए सिविल कोड नहीं बल्कि शरीयत पहले है। उन्होंने कहा देश का मुसलमान समान नागरिक संहिता; कॉमन सिविल कोड द्ध का पहले से विरोध कर रहा है। मुसलमान कुरान और शरीयत पर अमल करता है और करता रहेगा। बकरीद पर शाही ईदगाह में नमाज के बाद शहरकाजी प्रोफेसर जैनुस साजिद्दीन सिद्दीकी ने तकरीर के दौरान समान नागरिक संहिता को सिरे से खारिज किया।
उन्होंने कहा देश में हर मजहब और हर जाति के लोग हैं। ऐसे में समान नागरिक संहिता लागू करना गलत है। इसका उलमा, मुसलमान खुलकर विरोध करते हैं। शहर काजी ने कहा कि किसी देश में ऐसा देखने को नहीं मिल रहा है। जैसा माहौल हमारे देश में बनाया जा रहा है। इससे मुसलमानों में भय का माहौल है। समान नागरिक संहिता लागू हुआ तो मुसलमानों के धार्मिक कामों में दखल बढ़ेगा। हम अपने बच्चों के निकाह भी ठीक से नहीं कर पाएंगे।
उन्होंने कहा कि हम कानून बनने के बाद से ही सिविल कोड का विरोध कर रहे हैं। लेकिन कोई सुन नहीं रहा है। कोर्ट भी इस पर अपना फैसला दे चुका है। लेकिन इसके बाद भी केंद्र सरकार इस पर आंख बंद किए बैठी है। उन्होंने कहा कि अब मुसलमान इसके विरोध में हिसा नहीं करेगा। बल्कि इस पर अपना विरोध जारी रखेगा। बता दें कि देवबंद के मौलाना मदनी भी समान नागरिक संहिता के विरोध की बात कर चुके हैं।
बता दें समान नागरिक संहिता के विरोध स्वरूप मेरठ में जमकर हिंसा हुई थी। कई दुकानों को आग लगा दी गई थी। मेरठ हापुड रोड पर समान नागरिक संहिता के विरोध में हुए विरोध प्रदर्शन में पुलिस के जवानों को घेर लिया गया था। ऐन मौके पर पीएसी ने पहुंचकर जवानों को हिंसक भीड़ के चंगुल से छुड़वाया था। पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तारियां की थी। हिंसा और विरोध प्रदर्शन में शामिल अराजकतत्वों की संपत्ति भी कुर्क की गई थी।
Published on:
30 Jun 2023 08:45 am
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