
मेरठ। CRPF जवान की मां, बेटे व पत्नी को पीटने और फौजी को जेल भेजने के मामले में अमित शाह के गृह मंत्रालय से फोन आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। इस मामले में आरोपी दरोगा जितेंद्र कुमार को छुट्टी पर भेज दिया गया है जबकि पहले से सस्पेंड चल रहे दरोगा सुनील कुमार को ट्रांसफर करने की तैयारी की जा रही है। वहीं, रविवार को पीड़ित फौजी की पत्नी की हालत बिगड़ने की वजह से उनको अस्पताल में एडमिट कराया गया है।
यह है मामला
आपको बता दें कि सीआरपीएफ के जवान सतेंद्र चौधरी बारामूला में तैनात हैं। वह मेडिकल थाना क्षेत्र के शास्त्रीनगर के-ब्लॉक में परिवार के साथ रहते हैं। वह 6 अगस्त का छुट्टी पर घर आए थे। 21 अगस्त (बुधवार) की रात को उनका डिलीवरी ब्वॉय विवेक त्रिपाठी से विवाद हो गया था। वह खाना लेकर तेज रफ्तार में जा रहा था। वह शास्त्री नगर के ब्लॉक चौकी इंचार्ज जितेंद्र कुमार और निलंबित दरोगा सुनील कुमार का खाना लेकर जा रहा था। ये दोनों जवान के मकान के पास किराये पर रहते हैं।
घर में की तोड़ाफोड़
आरोप है कि इसके बाद दरोगा जितेंद्र कुमार व सुनील कुमार ने पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर जवान के घर में तोड़फोड़ की। कमांडो की मां, पत्नी और बेटे से भी मारपीट की गई। पुलिसकर्मियों ने कमांडो को पीटकर थाने में बंद कर दिया था। उन पर मोबाइल लूट समेत तीन मुकदमे भी दर्ज कर दिए गए। इस पर जवान की पत्नी मंजू सांगवान ने शुक्रवार को इसकी जानकारी सीआरपीएफ कमांडेंट को दी। वहां से सूचना गृह मंत्रालय में पहुंची। गृह मंत्रालय से फोन आने के बाद पुलिस बैकफुट पर आ गई। इसके बाद कमांडो को शनिवार रात को जेल से रिहा कर दिया गया। साथ ही उस पर से लूट की धारा हटा दी गई है। इस बारे में एसपी सिटी डॉ. एएन सिंह ने कहा कि सीआरपीएफ के जवान को कोर्ट से जमानत मिल गई है।
जवान ने बताई आपबीती
रविवार को जवान सतेंद्र के घर पर लोगों की भीड़ लग गई। उन्होंने पुलिस की थर्ड डिग्री के निशान दिखाए। सतेंद्र कुमार ने कहा कि उन्होंने कभी शराब नहीं पी है। उनको कोई मेडिकल चेकअप भी नहीं कराया गया। वह 22 साल से नौकरी कर रहे हैं। हथियार कहा और कैसे चलता है, अच्छी तरह से जानते हैं। उनकी अलमारी से पुलिस ने लाइसेंसी पिस्टल बरामद की थी।
पुलिसकर्मियों की ज्यादती का वीडियो वायरल
फौजी के परिजनों से मारपीट का वीडियो वायरल हो गया हे। इसमें दरोगा महिलाओं को चांटा मारते हुए दिख रहा है। इससे वहां मौजूद लोगों ने हंगामा कर दिया था। इस बारे में पुलिस का कहना है कि उनकी तरफ से बचाव में ऐसा किया गया होगा। उधर, गृह मंत्रालय ने कमांडो की पत्नी और बेटे को दिल्ली बुलाया है। पीड़ित परिजनों ने मुख्यमंत्री से भी पुलिस की ज्यादती की शिकायत की है। राज्य महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान ले लिया है।
Updated on:
26 Aug 2019 09:37 am
Published on:
26 Aug 2019 09:36 am
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