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जंगल में झोपड़ी के अंदर चलती मिली तमंचा बनाने की बड़ी फैक्ट्री, पुलिस पहुंची तो दंग रह गर्इ यहां का नजारा देखकर

आम चुनाव से पहले तैयार हो रही इस जिले में अवैध हथियारों की खेप

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जंगल में झोपड़ी के अंदर चलती मिली तमंचा बनाने की बड़ी फैक्ट्री, पुलिस पहुंची तो दंग रह गर्इ यहां का नजारा देखकर

मेरठ। सप्ताह भर में हथियार बनाने वाली दूसरी फैक्ट्री पुलिस के कब्जे में आ गई है। आम चुनाव सिर पर हैं और ऐसे में मेरठ में मौत का सामान बनाने वाली फैक्ट्रियों के सामने आने से पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। कभी पश्चिम का मुजफ्फरनगर, शामली और बिजनौर जिला मौत के समान की फैक्ट्री के लिए कुख्यात हुआ करता था, लेकिन अब मेरठ में मौत के खिलौने के हुनरमंदों ने अपना ठिकाना बनाना शुरू कर दिया है। हस्तिनापुर पुलिस ने परिक्षितगढ़ क्षेत्र में छापेमारी करते हुए एक अवैध तमंचा फैक्ट्री का खुलासा किया। पुलिस ने दो कारीगर को गिरफ्तार करते हुए भारी मात्रा में बने-अधबने तमंचे और हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए हैं। तमंचों की डिजाइन और उसकी सफाई देख पुलिस अधिकारी भी हैरत में हैं।

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दो बदमाशों की निशानदेही पर पकड़ी गर्इ फैक्ट्री

एसपी देहात राजेश कुमार ने पुलिस लाइन में पत्रकार वार्ता करते हुए बताया कि एसओ हस्तिनापुर धर्मेन्द्र सिंह की टीम ने रात जलालपुर जोरा-नीमका मार्ग पर दो बदमाशों को तमंचाें सहित गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान पकड़े गए बदमाशों ने अपने नाम हनीफ पुत्र गनी और साबिर पुत्र सत्तार बताए। दोनों तमंचा बेचने जा रहे थे। दोनों आरोपी लिसाड़ीगेट क्षेत्र में जाकिर काॅलोनी गली नंबर दस के निवासी हैं। एसपी देहात ने बताया कि बदमाशों से पूछताछ के आधार पर कार्रवार्इ करते हुए पुलिस ने मिर्जापुर के जंगल में गुपचुप तरीके से छापा मारा। पुलिस को देखते ही जंगल में स्थित झोपड़ी में तमंचे बना रहा बदमाशों का साथी सुखवन्त उुर्फ सुक्खी पुत्र प्रेमसिंह निवासी मिर्जापुर फरार हो गया। झोपड़ी के भीतर का नजारा देखते ही पुलिस भी दंग रह गई। एसपी देहात ने बताया कि झोपड़ी के भीतर से 315 बोर के 19 और 12 बोर का एक तैयार तमंचा बरामद हुआ। वहीं, सैकड़ों की संख्या में अधबने तमंचे और कारतूस व हथियार बनाने के औजार बरामद हुए।

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आन डिमांड तैयार होते थे हथियार

आरोपियों ने बताया कि वह आॅन डिमांड तमंचा तैयार करके उसे 800 से एक हजार रुपये में बेचते थे। आरोपियों से जानकारी मिली कि वे आर्डर 50 से 100 तमंचे से कम का नहीं लेते थे। डिलीवरी के लिए दूसरा स्थान रखा जाता था। हस्तिनापुर के इन जंगल में बने तमंचे यहां से दूसरे राज्यों को भी सप्लाई हो रहे थे। एसपी देहात ने बताया कि आरोपियों को जेल भेजा जा रहा है।