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15 दिन इस दुर्लभ प्रजाति के जानवर का मीट खाने से दूर हो जाती है पुरुष की नपुंसकता, यहां हो रही इसकी तस्करी, देखें वीडियो

मेरठ के हस्तिनापुर रेंज से वन विभाग की टीम ने पकड़ा दस किलो मीट  

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15 दिन इस दुर्लभ प्रजाति के जानवर का मीट खाने से दूर हो जाती है पुरुष की नपुंसकता

मेरठ। 15 दिन इस दुर्लभ प्रजाति के जानवर का मीट या उसके मीट को उबालकर उसका सूप पिया जाए तो पुरूष की नपुंसकता जड़ से दूर हो सकती है। ऐसा कहना है आयुर्वेदाचार्य और वैद्य डा. हेमंत शर्मा का। इनका कहना है कि पांडा का मीट इतना गरम होता है कि वह पुरूष की नपुंसकता को जड़ से खत्म कर देता है। वन विभाग की टीम ने हस्तिनापुर वन्य रेंज से दस किलोग्राम पांडा का मीट पकड़ा है।

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यह तत्व होते हैं पांडा के मीट में

डा. हेमंत शर्मा के अनुसार पांडा के मीट में आयरन, जिंक, आयोडीन, पोटेशियम, कैल्शियम और सेलेनियम होता है, जो कि मानव शरीर में ताकत उत्पन्न करता है। उन्होंने बताया कि सेलेनियम तत्व पांडा के अलावा रोहू मछली के भीतर होता है। सेलेनियम नामक तत्व शरीर के भीतर पहुंचकर डिप्रेशन को भी दूर करता है। डा. हेमंत के अनुसार पांडा का मीट चूंकि अन्य जानवरों के मीट की अपेक्षा अधिक हल्का और खाने में सुपाच्य होता है, इसलिए इसका प्रयोग नपुंसकता को दूर करने में किया जाता है। देश के अन्य राज्यों जैसे छत्तीसगढ़, मप्र, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, झारखंड, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु आदि राज्यों में पांडा के मीट की अधिक डिमांड रहती है। पूर्व वनरक्षक अधिकारी बीडी त्रिपाठी ने बताया कि यूं तो पांडा देश में प्रायः सभी वन क्षेत्रों में पाया जाता है, लेकिन उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में पाया जाना वाला पांडा दुर्लभ प्रजाति का होता है। जिसके मीट में इतनी शक्ति होती है कि बूढ़े आदमी को भी जवान बना देती है। इसका मीट काफी ताकतवर होता है। गर्भवती महिला अगर पांडा का मीट खा ले तो उसको 24 घंटे के भीतर गर्भपात हो जाएगा। यही कारण है कि महिलाओं को पांडा के मीट से दूर ही रखा जाता है। वह बताते हैं कि पांडा का शिकार चूंकि आसानी से शिकारी नहीं कर पाते, इसलिए उनको करंट से या फिर जाल में फंसाकर मारा जाता है। पांडा जल्दी शिकारी के हाथ जिंदा नहीं लगता। यह काफी फुर्तीला जानवर होता है।

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मेरठ से किया जा रहा था सप्लाई

मेरठ के हस्तिनापुर रेंज से दुर्लभ जानवरों का मीट दूसरे राज्यों में सप्लाई किया जा रहा है। यहीं नहीं यह भी जानकारी मिली है कि दूसरे राज्यों से मीट को बाहरी मुल्कों में भी भेजा जा रहा है। मीट को कंटेनर में और दूसरे यातायात के साधनों के माध्यम से दूसरे राज्यों में भेजा जा रहा था।