
मेरठ। जनपद एक बार फिर से सांप्रदायिक दंगे की आग में झुलसने से बच गया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने स्थिति को संभाला और तब जाकर बेकाबू हालात काबू में हो सके। मामला नौचंदी थाना क्षेत्र के शास्त्रीनगर सेक्टर तीन का है। यहां पर घनी आबादी के बीच एक मकबरा है। बुधवार की रात रोजे का चांद दिखने के बाद देर रात मुस्लिम समुदाय के लोग मकबरे में नमाज पढ़ने के लिए काफी संख्या में एकत्र हुए। भारी संख्या मेें मकबरे में लोगों को घुसता देख आसपास के लोगों ने इस पर आपत्ति उठाई।
आपत्ति उठाते ही दोनों ओर से विवाद शुरू हो गया। मौके पर भाजपा नेता जतिन चांदना भी पहुंच गए। उन्होंने भी मकबरे में तरावीह का विरोध किया। मामला गरमाने लगा तो भाजपा शास्त्रीनगर के मंडलाध्यक्ष संजीव शर्मा, पूर्व पार्षद संजीव पुंडीर और पूर्व पार्षद विरेन्द्र शर्मा भी मौके पर पहुंच गए। भाजपाइयों ने मकबरे में नमाज और तरावीह पढ़ने का विरोध किया। इस दौरान घटनास्थल पर भारी पुलिस फोर्स भी पहुंच चुका था। माहौल बिगड़ता देख अतिरिक्त फोर्स भी बुला ली गई। जिस स्थान यह मकबरा है वह हिन्दू बाहुल्य इलाका है। पूर्व पार्षद संजीव पुंडीर ने कहा कि मकबरे में नमाज पढने का क्या औचित्य है। नमाज मस्जिद में पढ़ी जाती है। वहीं पर पढी जाए। भाजपा नेता वीरेन्द्र शर्मा ने कहा कि यह नई परिपाटी नहीं डालने दी जाएगी। दोनों ओर से काफी देर तक नारेबाजी होती रही। रात में काफी देर तक हंगामा होता रहा। बाद में लोगों के वापस लौटने पर ही मामला शांत हुआ।
नौचंदी थाने में हुई दोनों पक्षों की बैठक
गुरूवार को इस मामले में नौचंदी थाने में बैठक हुई। जिसमें दोनों पक्षों के लोग शामिल हुए। अधिकारियों की मौजूदगी में तय हुआ कि मकबरे में वहीं लोग नमाज अदा करने जाएंगे जो वहां पर आसपास रहते हैं या दुकानों में काम करत हैं। दूसरा कोई बाहरी व्यक्ति मकबरे में नमाज अदा नहीं करेगा। प्रशासन के इस समझौते पर अधिकांश लोगों ने अपने हस्ताक्षर नहीं किए।
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Published on:
17 May 2018, 5:30 PM IST
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