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निकाय़ चुनाव के बाद सट्टा बाजार गर्म, सटोरियों ने शुरू किया ये खेल

सट्टे के जरिए रूपये कमाने वाले सट्टा खेलने के लिए तरह-तरह के गणित लगाते हैं।

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मेरठ

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Rahul Chauhan

Nov 27, 2017

Speculative on Nikay Chunav

मेरठ। मेरठ में चुनाव हो और यहां का सट्टा बाजार गर्म न हो ऐसा हो ही नहीं सकता। मेरठ की महापौर सीट पर किस पार्टी की जीत होगी इसके लिए मेरठ से लेकर दिल्ली तक सट्टा लग चुका है। सटोरिए इस बात पर भी सट्टा लगा रहे हैं कि किस पार्टी के कितने पार्षद चुनाव जीतेंगे और महानगर के किस वार्ड में किस पार्टी का उम्मीदवार चुनाव में जीत हासिल करेगा।

रोचक बात यह है कि जिस दिन चुनाव खत्म हुआ उसके दो दिन बाद तक सट्टा बाजार में बसपा का भाव सर्वाधिक था। लेकिन उसके बाद से अब सटोरियों की पहली पसंद भाजपा बनी हुई है। चुनाव खत्म होने के बाद सट्टा बाजार में बसपा का रेट 40 पैसे और भाजपा का 50 पैसे था। लेकिन अचानक हालात बदले और दूसरे चरण का मतदान होने के बाद सट्टा बाजार में भाजपा का रेट 15 पैसे और बसपा का रेट 20 पैसे हो गया है।

समाजवादी पार्टी का रेट 50 पैसे और कांग्रेस का रेट 80 पैसे चल रहा है। सट्टा बाजार में अभी भी अधिकांश सटोरिए बसपा पर सट्टा लगा रहे हैं, लेकिन दिल्ली में बैठे मुख्य सटोरियों की पसंद इस समय भाजपा बन चुकी है। उनको इसी पार्टी पर जीत का भरोसा है। सट्टा बाजार में इस समय भाजपा को मजबूत माना जा रहा है। लेकिन जीत किसकी होती है यह तो एक दिसंबर को ही पता चलेगा लेकिन सटोरिए यहां भी अपनी दाल गला लेते हैं।

सट्टे का कखग:
सट्टे के जरिए रूपये कमाने वाले सट्टा खेलने के लिए तरह-तरह के गणित लगाते हैं। सट्टेबाज सट्टा लगाने वाले को जीतने पर एक रूपये का 80 रूपये भाव देते हैं। हर रूपये में नौ रूपये मिलते हैं। भाजपा अगर जीतती है तो जीतने वाले को 1 रूपये के 15 रूपये मिलेंगे और अगर बसपा जीतती है तो उस पर सट्टा लगाने वाले को 1 रूपये के 20 रूपये मिलेंगे।