मुन्ना बजरंगी हत्याकांडः जांच रिपोर्ट में हुआ चौंकाने वाला खुलासा, अफसरों पर गिर सकती है गाज

मुन्ना बजरंगी हत्याकांडः जांच रिपोर्ट में हुआ चौंकाने वाला खुलासा, अफसरों पर गिर सकती है गाज

Iftekhar Ahmed | Updated: 22 Jul 2018, 05:46:38 PM (IST) Baghpat, Uttar Pradesh, India

जांच रिपोर्ट तैयार कभी भी हो सकती है आरोपी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई

बागपत. जिला जेल में माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या के मामले में जेल अधिकारियों की भूमिका की जांच पूरी हो गई है। सूत्रों के मुताबिक इस जांच में रिपोर्ट में वहां के जेलर समेत चार लोगों को मुन्ना बजरंगी की हत्या के मामले में दोषी पाया गया है। इसके अलावा एक नम्बरदार को भी इसमें साठगांठ का आरोपी माना गया है। गौरतलब है कि आगरा के डीआईजी जेल संजीव त्रिपाठी ने इस सम्बन्ध में अपनी जांच रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी है। सूत्र बताते हैं कि आगरा के डीआईजी जेल और इस मामले में जांच अधिकारी संजीव त्रिपाठी ने इन आरोपियों में दो जेल अफसरों के खिलाफ बर्खास्तगी की सिफारिश की है। गौरतलब है कि इस मामले में जेलर उदय प्रताप सिंह, डिप्टी जेलर शिवाजी यादव, हेड वार्डन अरजिन्दर सिंह, वार्डन माधव कुमार को पहले ही निलंबित कर दिया गया था।

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गौरतलब है कि 9 जुलाई को बागपत जेल में माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जेल परिसर में एक माफिया की हत्या के बाद हड़कंप मच गया था। इस घटना के तुरंत बाद योगी सरकार ने आनन-फानन में इस मामले की जांच डीआईजी आगरा जेल संजीव त्रिपाठी को सौंपी दी थी। बताया जा रहा है कि डीआईजी त्रिपाठी ने जांच रिपोर्ट लखनऊ मुख्यालय को भेज दी है। बताया जा रहा है कि जांच के दौरान जेलर समेत चार जेलकर्मियों पर जल्द गाज गिर सकती है। बताया जाता है कि जेल के अंदर सांठगांठ और पिस्टल पहुंचाने के आरोपों की भी जांचपूरी हो चुकी हैं। सूत्रों के मुताबिक योगी सरकार जेलर समेत सभी चार जेलकर्मियों पर जल्द ही बड़ी कार्रवाई कर सकती हैं। गौरतलब है कि मुन्ना बजरंगी की हत्या के दूसरे दिन सुनील राठी की निशानदेही पर जेल के गटर से एक पिस्टल बरामद की गई थी। घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी ने कहा था कि जेल में हुई हत्या बहुत गंभीर मामला है। मामले की गहराई से जांच होगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

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माफिया मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल के अंदर सुनील राठी ने नौ जुलाई को गोलियों से छलनी कर दिया था। इस घटना से पूरे प्रदेश में हड़कम्प मच गया था। सरकार और पुलिस अफसरों के साथ ही जेलों में बंद अन्य बड़े माफियों के भी होश उड़ गए थे। बजरंगी की हत्या के बाद हर कोई हैरान था कि आखिर जेल में पिस्टल और मैंगजीन कैसे पहुंची। यही वजह है कि शासन ने गम्भीरता से लेते हुये जेलर, डिप्टी जेलर, वार्डेन और हेड वार्डेन को निलम्बित कर दिया था। साथ ही इस प्रकरण की जांच आगरा के डीआईजी जेल संजीव त्रिपाठी को दी थी। डीआईजी त्रिपाठी ने अपनी जांच रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी है। हालांकि, जेल के एडीजी चंद्रप्रकाश ने कहा कि डीआईजी जेल आगरा ने पूरे प्रकरण की जांच की है। उनकी रिपोर्ट में जो भी जेल अफसर या कर्मी दोषी पाया जायेगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जायेगी। । वहीं, सूत्र बताते हैं कि जेल मुख्यालय के एक बड़े अधिकारी के मुताबिक पिस्टल जेल के अंदर पहुंचने में जेलकर्मी पूरी तरह से दोषी पाए गए हैं। इसके साथ ही एक नम्बरदार की भूमिका भी काफी संदिग्ध पाई गई है। लिहाजा, शासन ने सख्त कार्रवाई करने को कहा गया है। यह भी दावा किया जा रहा है कि इस रिपोर्ट के मिलने के बाद शासन से दो जेलकर्मियों के बर्खास्तगी की संस्तुति की जाएगी। आपको बता दें कि इस हत्याकांड के बाद कुख्यात गैंगस्टर मुन्ना बजरंगी की हत्या का आरोपी सुनील राठी बागपत की जेल से फतेहगढ़ के सेंट्रल जेल में शिफ्ट कर दिया गया है।

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