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6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में गिरा विवादित ढांचा तो मुस्लिम महिला ने बांटे थे लड्डू

अयोध्या में 6 दिसंबर 1992 की सुबह, 30 साल पहले उस दिन क्या हुआ यह बताने की जरूरत नहीं है। मुस्लिम महिला ने सांप्रदायिक तनाव कम करने और मजहबी प्रेम बढ़ाने लिए लड्डू बांटे थे। जानिए उस दिन की कहानी उन्हीं की जुबानी।

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मेरठ

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Kamta Tripathi

Dec 06, 2022

6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में विवादित ढांचा गिरने पर मुस्लिम महिला ने बांटे थे लड्डू

6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी ढांचा पर होती कारसेवा का फाइल फोटो

'आज से 30 साल पहले छह दिसंबर 1992 की सुबह हम सब टीवी और रेडियो पर अयोध्या में हो रही कारसेवा के बारे में जाने के लिए उत्सुक थे। इसी दौरान दिन में 12 बजे जानकारी मिली विवादित गुम्बर गिरा दिया गया। इसके बाद मैने अपने आसपास के लोगों को लड्डू बांटे', जिससे आपसी सौहार्द बने और लोग एक-दूसरे से मिल-जुलकर रहें। ये बातें मेरठ निवासी शाहिन ने बताईं।

हलाला और तीन तलाक की घुर विरोधी
मेरठ निवासी शाहिन तीन तलाक और हलाला की घुर विरोधी हैं। शाहिन ने तीन तलाक कानून लागू होने के बाद अब तक कई तलाक पीड़िता महिलाओं की मदद की है। तलाक पीड़ित महिलाओं को तीन तलाक कानून के बारे में जानकारी दी और उनको मुफ्त में कानूनी मदद भी की।

बाबरी गुम्बद देश पर कलंक
अयोध्या में बाबरी गुम्बद गिराए जाने पर लडडू बांटने वाली शाहिन का कहना है कि वो पांच वक्त की नमाज अदा करतीं हैं। कुरान और पैगम्बर के बताए रास्ते पर चलती हैं। उन्होंने बताया,'बाबर आक्रांता था, जिसने देश पर आक्रमण कर मंदिरों और मस्जिदों पर कब्जा किए। इन बाहरी आतातायियों ने देश में कब्जा करने के लिए धार्मिक स्थानों को निशाना बनाया। जिससे देश में सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़े।

रमजान रखने के साथ ही मनातीं हैं जन्माष्टमी

शाहिन का कहना है कि वो रमजान के महीने में रोजा रखने के साथ ही जन्माष्टमी भी मनाती हैं। नवरात्र के दिनों में देवी के मंदिर में जाकर पूजा करती हैं। उनके लिए भगवान और अल्लाह एक हैं।