धार्मिक शिक्षा देने वाली मुस्लिम महिलाआें ने राम मंदिर को लेकर खायी एेसी कसम कि सब रह गए दंग, देखें वीडियो

Sanjay Kumar Sharma | Publish: Nov, 25 2018 11:09:14 AM (IST) | Updated: Nov, 25 2018 05:19:15 PM (IST) Meerut, Meerut, Uttar Pradesh, India

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के बैनर तले आयोजित की गर्इ थी बैठक

 

मेरठ। मौका था इस्तमा यानी कि धार्मिक शिक्षा देने वाली महिलाओं की बैठक के आयोजन का। जिसमें दर्जनों मुस्लिम धर्मगुरू महिलाओं ने भाग लिया। यह बैठक मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के बैनर तले आयोजित की गई थी। जिसका संचालन सह संयोजिका शाहीन परवेज ने किया। इस दौरान उन्होंने बैठक में उपस्थित मुस्लिम महिलाओं के विचार जाने और उनको देश हित में फैसले लेेने के लिए कहा तो सभी महिलाओं ने एक सुर में आवाज उठाई कि कसम खुदा की खाते हैं हम मंदिर वहीं बनाएंगे। यानी अब मुस्लिमों के बीच भी मंदिर का विरोध धीरे-धीरे समाप्त होता जा रहा है।

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इस्तमा करने वाली महिलाआें का ये संकल्प

छीपी टैंक स्थित मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की सहसंयोजक शाहीन परवेज के आवास पर मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की एक बैठक आयोजित की गई। जिसमें इस्तमा ( धार्मिक शिक्षा देने वाली) करने वाली मुस्लिम महिलाओं के साथ देश से सम्बंधित समस्याओं पर विचार विचार-विमर्श किया गया। बैठक को सम्बोधित करते हुए शाहीन परवेज ने कहा कि यह देश हमारा है हम अपने देश के भीतर की गंभीर समस्याओं को एकजुट होकर खुद निपटायेंगे। उन्होंने बैठक में उपस्थित महिलाओं से कहा कि श्रीराम जन्मभूमि के लिए हमारा फर्ज बनता है कि हम अपने हिन्दू भाइयों को बहनों को खुशी से श्रीराम मन्दिर निर्माण के लिए अपनी सहमति दें। जिससे हमारे देश में एकता, प्यार और भाईचारा सद्भावना कायम रहें।

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राम मंदिन सनातन संस्कृति का प्रतीक है

बैठक को राष्ट्रीय एकता मिशन की कार्यकारिणी सदस्य सुबुही खान ने संबोधित करते हुए कहा कि श्रीराम मन्दिर हमारी सनातन संस्कृति का प्रतीक है और हम अपनी वफादारी अपने देश की संस्कृति से जोड़ कर रखते हैं। किसी विदेशी आक्रांताओं से नहीं। उन्होंने कहा कि हमारा फर्ज बनता है कि हम राम मंदिर के निर्माण में आने वाली सभी बाधाओं से मिलकर मुकाबला करें। उन्होंने कहा कि हमें मस्जिद नहीं मंदिर चाहिए। जिसके लिए संसद में भी कानून बनाने की तैयारी चल रही है। तन मन धन के साथ श्रीराम मंदिर निर्माण में सहयोग करेंगे। बैठक में फातिमा, बानों, हसीना, रजाना, कौसर, कहकशां, परवीन, नसीमा, खातून रेशम, अमबरीन, सबीरा, शबीना आदि ने हिस्सा लिया।

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