31 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

धार्मिक शिक्षा देने वाली मुस्लिम महिलाआें ने राम मंदिर को लेकर खायी एेसी कसम कि सब रह गए दंग, देखें वीडियो

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के बैनर तले आयोजित की गर्इ थी बैठक  
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

मेरठ

•

image

Sanjay Kumar Sharma

•

Updated: 25 Nov 2018, 5:19 PM IST

meerut

धार्मिक शिक्षा देने वाली मुस्लिम महिलाआें ने राम मंदिर निर्माण को लेकर खायी एेसी कसम कि सब रह गए दंग

मेरठ। मौका था इस्तमा यानी कि धार्मिक शिक्षा देने वाली महिलाओं की बैठक के आयोजन का। जिसमें दर्जनों मुस्लिम धर्मगुरू महिलाओं ने भाग लिया। यह बैठक मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के बैनर तले आयोजित की गई थी। जिसका संचालन सह संयोजिका शाहीन परवेज ने किया। इस दौरान उन्होंने बैठक में उपस्थित मुस्लिम महिलाओं के विचार जाने और उनको देश हित में फैसले लेेने के लिए कहा तो सभी महिलाओं ने एक सुर में आवाज उठाई कि कसम खुदा की खाते हैं हम मंदिर वहीं बनाएंगे। यानी अब मुस्लिमों के बीच भी मंदिर का विरोध धीरे-धीरे समाप्त होता जा रहा है।

यह भी पढ़ेंः दुपहिया पर अगर ये नाम लिखे मिले तो खैर नहीं, पुलिस ने अभियान शुरू करने के बाद की ये कार्रवार्इ

इस्तमा करने वाली महिलाआें का ये संकल्प

छीपी टैंक स्थित मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की सहसंयोजक शाहीन परवेज के आवास पर मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की एक बैठक आयोजित की गई। जिसमें इस्तमा ( धार्मिक शिक्षा देने वाली) करने वाली मुस्लिम महिलाओं के साथ देश से सम्बंधित समस्याओं पर विचार विचार-विमर्श किया गया। बैठक को सम्बोधित करते हुए शाहीन परवेज ने कहा कि यह देश हमारा है हम अपने देश के भीतर की गंभीर समस्याओं को एकजुट होकर खुद निपटायेंगे। उन्होंने बैठक में उपस्थित महिलाओं से कहा कि श्रीराम जन्मभूमि के लिए हमारा फर्ज बनता है कि हम अपने हिन्दू भाइयों को बहनों को खुशी से श्रीराम मन्दिर निर्माण के लिए अपनी सहमति दें। जिससे हमारे देश में एकता, प्यार और भाईचारा सद्भावना कायम रहें।

यह भी पढ़ेंः हाशिमपुरा कांड को लेकर पीएसी जवानों के पक्ष में इस संगठन ने योगी सरकार से की ये बड़ी मांग, मच रही अफरातफरी

राम मंदिन सनातन संस्कृति का प्रतीक है

बैठक को राष्ट्रीय एकता मिशन की कार्यकारिणी सदस्य सुबुही खान ने संबोधित करते हुए कहा कि श्रीराम मन्दिर हमारी सनातन संस्कृति का प्रतीक है और हम अपनी वफादारी अपने देश की संस्कृति से जोड़ कर रखते हैं। किसी विदेशी आक्रांताओं से नहीं। उन्होंने कहा कि हमारा फर्ज बनता है कि हम राम मंदिर के निर्माण में आने वाली सभी बाधाओं से मिलकर मुकाबला करें। उन्होंने कहा कि हमें मस्जिद नहीं मंदिर चाहिए। जिसके लिए संसद में भी कानून बनाने की तैयारी चल रही है। तन मन धन के साथ श्रीराम मंदिर निर्माण में सहयोग करेंगे। बैठक में फातिमा, बानों, हसीना, रजाना, कौसर, कहकशां, परवीन, नसीमा, खातून रेशम, अमबरीन, सबीरा, शबीना आदि ने हिस्सा लिया।

बड़ी खबरें

View All

मेरठ

उत्तर प्रदेश