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रमजान शुरू होने पर नौचंदी मेले के इतिहास में लिए गए इस निर्णय से मच गया बवाल

पहली बार लिए गए इस निर्णय से भाजपा पार्षद लामबंद हुए 

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मेरठ। मुस्लिमों की इबादत के विशेष माह रमजान को देखते हुए नौचंदी मेला परिसर स्थित पटेल मंडप में हो रहे कार्यक्रमों पर रोक लगाने के महापौर ने निर्देश दिए है। नौचंदी के इतिहास में एेसा निर्णय पहली बार लिया गया है। मगर महापौर के इस आदेश के खिलाफ भाजपा के पार्षद लामबंद हो गए हैं। नगर निगम में भाजपा पार्षद दल के नेता विपिन जिंदल ने नगर आयुक्त को पत्र देकर कार्यक्रम योजना के अनुसार आयोजित कराने की मांग की है, साथ ही यह भी कहा है किसी भी हालत में कार्यक्रम नहीं रुकना चाहिए। क्योंकि इससे एक गलत परंपरा की शुरुआत हो जाएगी। पटेल मंडप में होने वाले कार्यक्रम से रमजान की इबादत पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। यह महज एक षड्यंत्र है। आयोजकों ने कलाकारों को अग्रिम भुगतान भी कर दिया है, इससे उन्हें नुकसान भी होगा। उन्होंने एेलान किया कि कार्यक्रम तय समय पर और निर्धारित योजना के अनुसार ही होंगे।

गौरतलब है कि नौचंदी मेला परिसर स्थित पटेल मंडप में हर साल सांस्कृतिक कार्यक्रम रात आठ बजे से आयोजित होते हैं। इस साल भी 19 मई तक इन कार्यक्रमों की तिथिवार योजना जारी हुई थी, मगर 17 मई से रमजान माह शुरू हो रहा है तथा 16 मई को माह के शुरुआत से पूर्व नमाज अदा की जाएगी, इसलिए महापौर ने पटेल मंडप के कार्यक्रमों को रुकवा दिया है। उनका मानना है कि इससे पटेल मंडप के आस-पास स्थित मस्जिदों में इबादत में खलल पड़ेगा। विपिन जिंदल ने बताया कि नगर आयुक्त मनोज कुमार चौहान ने कार्यक्रम योजना अनुसार कराने का आश्वासन दिया है।

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डीएम और नगरायुक्त ने साधी चुप्पी

गौरतलब है कि महापौर सुनीता वर्मा ने मंगलवार को नगर आयुक्त व संयुक्त समिति मेला नौचंदी के सचिव को पत्र जारी किया था। हालांकि इस बाबत न तो डीएम और न ही नगर आयुक्त साफ-साफ बोलने को राजी है। महापौर ने इस आदेश की आदेश की पुष्टि की है।

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पहले भी रहे है विवादित निर्णय

बता दें इससे पहले भी महापौर सुनीता वर्मा के कुछ निर्णय विवादित रहे हैं। उनका नगर निगम के सदन में वंदेमातरम् नहीं गाने को लेकर लिया गया निर्णय खासा चर्चा में रहा था। सुनीता वर्मा के पति योगेश वर्मा बसपा के पूर्व विधायक हैं। 2 अप्रैल को भारत बंद के दौरान हुई हिंसा में योगेश वर्मा जेल में बंद है।