
नोटबंदी आैर जीएसटी से इस आलीशान होटल पर पड़ा एेसा असर, यह प्रतिष्ठित परिवार कहीं का न रहा, अब पुलिस पड़ी है पीछे, जानिए पूरी कहानी
मेरठ। आठ नवंबर को रात आठ बजे हुर्इ 1000 व 500 रुपये नोटबंदी आैर पिछले साल जीएसटी लागू होने से लोगों को कितना नुकसान हुआ, कर्इ कहानी हैं, लेकिन मेरठ के प्रतिष्ठित परिवार की एेसी दुर्गति होगी, किसी ने सोचा भी नहीं होगा। कमिश्नर भुवनेश्वर कुमार ने गढ़ रोड स्थित इस होटल का शुभारंभ किया था, सुपर स्टार आमिर खान इस होटल में कार्यक्रम कर चुके थे, जाने-माने क्रिकेटर्स इस होटल में रुकना पसंद करते थे, लेकिन पिछले दो साल में इस होटल पर एेसी बीती की सबकुछ खत्म हो गया। नरेंद्र मोदी की नोटबंदी आैर जीएसटी से इस होटल पर 100 करोड़ का कर्ज हो गया। स्टाफ की सेलेरी नहीं मिली आैर बिजली-पानी-गैस के कनेक्शन तक कट गए। एेसे में इस होटल के प्रतिष्ठित मालिक ताराचंद पुरी व उनके बेटे हिमांशु पुरी को अपने परिवार समेत होटल को रामभरोसे छोड़कर इसी साल मार्च की रात शहर छोड़ना पड़ा। अब इस परिवार के लोग अलग-अलग स्थान पर रह रहे हैं। इनके पारिवारिक मित्रों की मानें तो हिमांशु पुरी डिप्रेशन में चला गया है। पिता ताराचंद पुरी ने इस होटल को छिपते-छिपाते मेरठ के ही चार व्यापारियों को करीब साढ़े 22 करोड़ रुपये में बेच दिया है। कोठी में सन्नाटा पसरा हुआ है। लेनदार पहले ही यहां खड़ी दो कारें व अन्य सामान्य उठाकर ले गए। अब हिमांशु पर दिल्ली के दो लोगों ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है, इनका कहना है कि हिमांशु ने उनसे पैसे ले लिए, लेकिन प्लाॅट नहीं दिया। अब पुलिस भी इनके पीछे पड़ी है। पुलिस को सूचना मिली थी कि हिमांशु परिवार समेत कनाडा या अन्य जगह शिफ्ट हो सकता है। पुलिस ने उसके बाहर जाने पर भी सभी हवार्इ अड्डों पर सूचना दे दी है।
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होटली 'हारमनी इन' की है ये कहानी
होटल 'हारमनी इन' की शुरुआत करीब दस साल पहले हुर्इ थी। उससे पहले ताराचंद पुरी का गढ़ रोड पर पुरी पेट्रोल पंप था, होटल की तरह इस पेट्रोल पंप का भी नाम था। बेटे हिमांशु पुरी ने गुड़गांव में पब खोलने के बाद पिता की मदद से मेरठ में होटल 'हारमनी इन' की नींव रखी थी। होटल खुलते ही यह शहर के नामी होटलों में शुमार हो गया। बताते हैं कि दो साल पहले तक होटल 'हारमनी इन' का मासिक खर्च करीब 25 लाख रुपये तक का था, होटल अच्छा चल रहा था तो उसकी मासिक आमदनी 30 से 35 लाख रुपये तक होती थी। बैंकों को किश्तें भी आराम से निकल रही थी, लेकिन आठ नवंबर 2016 के बाद से होटल 'हारमनी इन' की आमदनी पर ब्रेक लगना शुरू हो गया, जब नरेंद्र मोदी सरकार ने नोटबंदी कर दी, इसके अगले साल जीएसटी भी लगना शुरू हो गया। बताते हैं कि उसी महीने से होटल 'हारमनी इन' पर असर पड़ने लगा। जीएसटी ने रही-सही कसर पूरी कर दी। बताते हैं कि होटल की आमदनी एकदम गिर गर्इ आैर यह 15-20 लाख रुपये तक आ गर्इ। बैंकों व अन्य कर्जदारों को लोन की जो किश्तें हर महीने जाती थी, वे रुकने लगी। इसके अलावा हाइवे पर बार बंद होने के कारण होटल कर्ज में घिर गया। कर्ज देने वालों के तकादे लगातार बढ़ते जा रहे थे। होटल के खर्चे आैर स्टाफ की सेलेरी देने तक के लाले पड़ने लगे। एेसे में होटल 'हारमनी इन' का पूरा परिवार इसी साल छह मार्च की रात को अपनी कोठी पर नौकर छोड़कर शहर छोड़ गया।
एफआर्इआर के बाद सतर्क हुर्इ पुलिस
होटल 'हारमनी इन' की हालत खराब होने आैर मालिक हिमांशु पुरी के परिवार समेत गायब होने के बाद पुलिस ने तब यह कहा था कि कोर्इ शिकायत दर्ज नहीं हुर्इ है तो हम कैसे कोर्इ कार्रवार्इ करें। इसके बाद दिल्ली की महिला समेत दो लोगों ने यहां एसएसपी से मिलकर हिमांशु के खिलाफ प्लाॅट देने के नाम पैसा लेने आैर प्लाॅट नहीं देने की एफआर्इआर दर्ज करार्इ है। इसके बाद से पुलिस भी सक्रिय हो गर्इ है।
Published on:
21 Nov 2018, 12:36 AM IST
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