
मेरठ। यह बीमारी सिर्फ खांसी और छींक के ज़रिए लोगों में फैल सकती है, इसका मतलब ये वायरस बेहद आसानी से किसी को भी संक्रामित कर सकता है। ये कहना है मेरठ कॉलेज की छात्रा श्रुति सिंह व अन्य एनएसएस कैडेट्स का। उन्होंने लोगों को जागरूक करते हुए बताया कि इसके अलावा यह लार के ज़रिए निकट संपर्क, चुंबन या फिर बर्तन शेयर करने से भी फैल सकता है। क्योंकि यह फेफड़ों को संक्रमित करता है, इसलिए खांसते वक्त मुंह से निकलने वाली बूंदें भी सामने मौजूद व्यक्ति को संक्रमित कर सकती हैं। एनएसएस कैडेट्स ने बताया कि इस वायरस से संक्रमित होने के कम से कम 14 दिनों बाद इसके लक्षण दिखने शुरू होते हैं।
कोरोना वायरस के मरीज़ों में आमतौर पर जुकाम, खांसी, गले में दर्द, सांस लेने में दिक्कत, बुखार जैसे शुरुआती लक्षण देखाई देते हैं। इसके बाद ये लक्षण निमोनिया और किडनी को नुकसान पहुंचाते हैं। एनएसएस के कैडेट्स ने लोगों को जानकारी दी कि इस वक्त कोरोना वायरस का कोई इलाज नहीं है। एंटीबायोटिक दवाएं वायरस से नहीं लड़तीं, इसलिए इनका उपयोग व्यर्थ है। हालांकि एंटीवायरल ड्रग्स काम आ सकते हैं, लेकिन नए वायरस को समझने और उसका समाधान निकालने में कई साल लग जाते हैं। अभी तक कोरोना वायरस से निजात पाने के लिए कोई वैक्सीन भी उपलब्ध नहीं है। इस वायरस के इलाज के लिए वैक्सीन बनाने का काम वैज्ञानिक कर रहे हैं।
आखिर क्या है कोरोना वायरस
कोरोना वायरस एक ऐसा वायरस है जो जानवरों और इंसानों को बीमार कर सकता है। ये एक आरएनए वायरस है, जिसका मतलब ये है कि यह शरीर के अंदर कोशिकाओं में टूट जाता है और उनका उपयोग खुद को पुन: उत्पन्न करने के लिए करता है। चीन के वुहान में फैल रहा जैसा कोरोना वायरस पहले कभी नहीं देखा गया। इसलिए इसके बारे में ज्य़ादा जानकारी उपलब्ध नहीं है। कोरोना वायरस एक ऐसे वायरस के परिवार से आता है जो मनुष्यों, मवेशियों, सूअरों, मुर्गियों, कुत्तों, बिल्लियों और जंगली जानवरों को संक्रमित करता है।
Published on:
19 Mar 2020 10:55 am
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