
मेरठ। देश की आजादी में नेताजी सुभाष चंद बोस का योगदान अविस्मरणीय है। अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई तेज करने के लिए आजाद हिंद फौज की स्थापना की गई थी। खास बात यह थी कि इस फौज की स्थापना भारत में नहीं बल्कि जापान में की गई थी। आजाद हिंद फौज की स्थापना टोक्यो में 1942 में रासबिहारी बोस ने की थी। उन्होंने 4 जुलाई 1943 को नेताजी सुभाष चंद बोस को आजाद हिन्द फौज का नेतृत्व सौंपा था। इसमें 85 हजार सैनिक थे और कैप्टन लक्ष्मी स्वामीनाथन के नेतृत्व वाली महिला यूनिट भी थी।
आजादी मिलने के बाद आजाद हिंद फौज से जुड़े तथ्य युवा वर्ग देखना चाहता है। हालांकि इससे जुड़े तथ्य देश में कम ही देखने को मिलते हैं। मेरठ के राजकीय स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय में आजाद हिन्द फौज के किसी सिपाही की दुर्लभ वर्दी मौजूद है। यूपी के किसी भी संग्रहालय में आजाद हिन्द फौज के सिपाही की वर्दी देखने को नहीं मिलती। दरअसल, यह वर्दी सिंगापुर सरकार की ओर से भारत को डोनेट की गई थी। तब इसे मथुरा संग्रहालय में रखने की बात हुई थी, लेकिन इसके बाद इस वर्दी को मेरठ के राजकीय स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय में रखने का निर्णय लिया गया। इस वर्दी को देखने के लिए मेरठ ही नहीं आसपास के इलाकों से बच्चे और बड़े यहां आते हैं और आजाद हिन्द फौज और इस वर्दी के बारे में जानकारी हासिल करते हैं। संग्रहालयाध्यक्ष पीके मौर्य का कहना है कि यूपी के लोगों के लिए आजाद हिन्द फौज के सिपाही की यह वर्दी दुर्लभ है, जो सिर्फ यहां संग्रहालय में ही देखी जा सकती है। युवा इसे देखकर उत्साहित होते हैं और इसके बारे में जानकारी हासिल करते हैं।
Published on:
13 Jan 2020 03:44 pm
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