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धर्म के नाम पर बंटवारा या साजिश? हापुड़ रोड कॉलोनी पर खड़े हुए सवाल, जानें क्या बोले मंत्री

मेरठ में रेजिडेंसी कॉलोनी पर धार्मिक भेदभाव का आरोप लगा है। मंत्री सोमेंद्र तोमर ने इस पर आपत्ति जताई है। उन्होंने मामले की जांच की मांग की है।

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मेरठ

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Aman Pandey

Sep 07, 2025

पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ में हापुड़ रोड स्थित अब्दुल्लाह रेजिडेंसी कॉलोनी पर धार्मिक भेदभाव के आरोप के बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि इस कॉलोनी में ज्यादातर प्लॉट मुसलमानों को ही बेचे गए हैं, जबकि हिंदू समुदाय के लोगों को प्लॉट खरीदने की अनुमति नहीं दी जा रही है। हालांकि, कॉलोनी में इस तरह का कोई लिखित नोटिस, बोर्ड या पोस्टर नहीं लगाया गया है, लेकिन जमीन की खरीद-बिक्री को लेकर उठे सवालों ने माहौल गर्म कर दिया है।

कमिश्नर को पत्र लिखकर शिकायत

इस पूरे मामले ने राजनीतिक रंग तब लिया जब उत्तर प्रदेश सरकार के ऊर्जा राज्य मंत्री सोमेंद्र तोमर ने इस पर गंभीर आपत्ति जताई और उच्च स्तरीय जांच की मांग की। मेरठ के कमिश्नर को पत्र लिखकर उन्होंने कॉलोनी के मानचित्र और स्थलीय निर्माण की विस्तृत जांच कराने की अपील की है। उनका आरोप है कि कॉलोनी में बिना नक्शा पास कराए मस्जिद का निर्माण कराया जा रहा है, जो नियमों के खिलाफ है और इसकी जांच बेहद जरूरी है।

कॉलोनी में खामियां सामने आने पर होगी सख्त कार्रवाई

सोमेंद्र तोमर ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से खास बातचीत में कहा कि यदि आरोप सही पाए गए और कॉलोनी में खामियां सामने आईं तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। पिछली सरकारों में अपराधियों और गैंगस्टरों को संरक्षण दिया जाता था, लेकिन योगी सरकार में अपराधियों और माफियाओं के लिए कोई जगह नहीं है। धार्मिक आधार पर किसी तरह का भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

गैंगस्टर के बेटे के नाम पर कॉलोनी?

तोमर ने कहा कि उनके संज्ञान में आया है कि हापुड़ रोड पर 'अब्दुल्लाह रेजिडेंसी' नाम की कॉलोनी डेवलप की जा रही है और उसमें मस्जिद का निर्माण हो रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इसके लिए अनुमति ली गई थी या नहीं और क्या संबंधित नक्शा पास हुआ था। मंत्री ने दावा किया कि इस कॉलोनी का नाम एक गैंगस्टर के बेटे के नाम पर रखा गया है, जिसकी सच्चाई जांच के बाद स्पष्ट होगी।

जानकारी के अनुसार, अब्दुल्लाह कॉलोनी लगभग 22,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में विकसित की जा रही है। इसमें 78 विला बनाए जा रहे हैं, जबकि 3,020 वर्ग मीटर क्षेत्र को व्यावसायिक गतिविधियों के लिए चिह्नित किया गया है। बताया जा रहा है कि कॉलोनी के अधिकांश प्लॉट बिक चुके हैं, लेकिन खरीदारों की संख्या और उनके समुदाय को लेकर संदेह गहराता जा रहा है।


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