10 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Meerut: Yes Bank के ग्राहक बंद करवाना चाहते थे अपना खाता, इनकार पर खूूब हुई नोकझोंक

Highlights रिजर्व बैंक ने राशि निकालने की सीमा 50 हजार तय की यस बैंक की ब्रांचों पर सुबह से शाम तक लगी रही लाइनें लाखों के लेन-देन वाले व्यापरियों को हुई ज्यादा परेशानी  

2 min read
Google source verification
meerut

मेरठ। आरबीआई ने यस बैंक के ग्राहकों के लिए 50 हजार रुपये निकासी की सीमा लगा दी है। इसके बाद से यस बैंक की शाखाओं पर लोगों की लाइनें लगी हुई हैं। लोग रुपये निकालने के लिए यस बैंक के एटीएम और उसकी शाखाओं में सुबह से ही पहुंच गए हैं। बताया जा रहा है कि आरबीआई का यह आदेश अगले एक महीने के लिए है। व्यापारियों समेत उन लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा जिसके खाते इस बैंक की ब्रांचों में हैंं और वे अपना लाखों का लेन-देन यस बैंक के माध्यम से करते हैं।

यह भी पढ़ेंः Yes Bank: बैंक में नहीं है इतना पर्याप्‍त कैश, पैसे लेने वालों की लगी लंबी लाइन

यस बैंक की पंचशील ब्रांच में शुक्रवार को ग्राहकों की कतारें लगी हुई थी। बैंक के खाताधारकों की बैंक कर्मचारियों से नोकझोंक हुई। लोग अपना खाता बंद करना चाहते थे और पूरा पैसा निकालना चाहते थे, लेकिन बैंक ने आरबीआई के नियमों का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ा। इससे काफी देर तक बैंक कर्मियों और खाता धारकों में नोकझोंक होती रही। ऐसा ही हाल अन्य ब्रांचों का भी रहा। बता दें कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने यस बैंक के ग्राहकों के लिए 50 हजार रुपये निकासी की सीमा तय की है। आरबीआई ने यह कार्रवाई बैंक की आर्थिक हालत को देखते हुए की है।

यह भी पढ़ेंः भाजपा के फायरब्रांड विधायक संगीत सोम ने कोर्ट में किया सरेंडर, 3 घंटे बाद जमानत पर रिहा

गुरूवार देर रात से ही यस बैंक के एटीएम में लोगों की भीड़ जमा हो गई। इस दौरान यस बैंक की नेटबैंकिंग और एटीएम सेवा भी बंद हो गई। इससे यस बैंक के खाता धारकों को चिंता और बढ़ गई। गुरुवार रात महानगर के कई इलाकों में यस बैंक के एटीएम में पैसा निकालने वालों की भीड़ देखने को मिली। इसके चलते एटीएम भी रातोंरात खाली हो गए। बता दें कि करीब 15 साल पहले शुरू हुए यस बैंक की आर्थिक हालत ठीक नहीं है। बैंक पर लगातार कर्ज बढ़ता जा रहा है। यस बैंक की बदहाली इतनी बढ़ गई है कि सिर्फ 15 महीने के भीतर बैंक के निवेशकों को 90 फीसदी से अधिक का नुकसान हो चुका है।