
मोदी ने जिस योजना को लेकर किए थे बड़े दावे, गरीब लोग उससे कर रहे तौबा, इसके पीछे हैं ये खास वजहें
मेरठ। आयुष्मान योजना का उद्घाटन किए हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक सप्ताह से अधिक नहीं हुआ है। योजना लागू तो कर दी गई, लेकिन लागू होने के बाद से न तो लोगों के कार्ड बन रहे हैं और नहीं टोल फ्री नंबर पर कोई जवाब मिल रहा है। जिसके कारण योजना का लाभ लेने के लिए स्वास्थ्य विभाग के चक्कर काटकर लोग परेशान हो गए हैं। लोगों का आरोप है कि सरकार की यह कैसी योजना है जिसका लाभ मिलने से पहले ही लोगों को धक्के खाने पड़ रहे हैं आगे इस योजना का तो भगवान ही मालिक है। परेशान लोग योजना से जुड़े टोल फ्री नंबर पर फोन करते हैं तो वह भी कोई जवाब नहीं दे रहा।
हैंग हो रही वेबसाइट
मेरठ जिले में आयुष्मान योजना के तहत बड़ी संख्या में लाभार्थी स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंच रहे लोगों के गोल्डन कार्ड नहीं बन रहे हैं। इसका कारण वेबसाइट का बार-बार हैंग होना या फिर काफी धीमी गति से चलना बताया जा रहा है। जिस कारण अब सरकारी या निजी अस्पतालों में गोल्डन कार्ड बनने का काम ठप पड़ा हुआ है।
आधार कार्ड सेंटरों पर बनेगा गोल्डन कार्ड
अब विभाग ने फैसला किया है कि आगामी दो अक्तूबर से आधार कार्ड वाले सेंटरों पर ही गोल्डन कार्ड बनेंगे। वहीं गोल्डन कार्ड न बनाये जाने से नाराज काफी लोगों ने जिला अस्पताल में जमकर हंगामा किया। सुबह 10 से दोपहर एक बजे तक हंगामा चलता रहा, लेकिन फिर भी उनका गोल्डन कार्ड नहीं बन सका।
अस्पतालों में नहीं बनेगे गोल्डन कार्ड
अधिकारियों का कहना है कि अब यह व्यवस्था की गई है कि अस्पतालों में गोल्डन कार्ड नहीं मिलेंगे। जो भी मरीज लाभार्थी होगा, वह अस्पताल में आएगा उसका वेरिफिकेशन किया जाएगा। बीमारी के हिसाब से उसका इलाज किया जाएगा। उसको गोल्डन कार्ड की जरूरत नहीं है, केवल सेंटर में आकर अपनी जानकारी देनी है और उसका वेरिफिकेशन करना है। इसके बावजूद अगर कोई गोल्डन कार्ड रखना चाहता है, तो वह आधार कार्ड वाले सेंटरों पर बनवा सकता है।
बोले अधिकारी
एसीएमओ डा. पूजा शर्मा ने बताया कि शुरूआती दिक्कतें तो सभी योजनाओं में आती है। कुछ परेशानी इसमें भी आ रही है। इन परेशानियों को जल्द ही दुरूस्त कर लिया जाएगा।
Published on:
30 Sept 2018 04:48 pm

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