
मेरठ. साफ-सफाई को लेकर केंद्र से लेकर प्रदेश तक मुहिम चलाई जा रही है। सरकार का कहना है कि लोगों को इसके लिए जागरूक होना होगा, लेकिन जब लोग जागरूक हो रहे हैं तो स्थानीय प्रशासन और सरकार सोई हुई है। स्थानीय विधायक को सफाई के लिए पत्र लिखा, लेकिन वे भी कुछ नहीं कर सके। इससे परेशान मोहल्लावासियों ने जब सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय (पीएमओ) को शिकायत भेजी तो तत्काल संज्ञान लिया गया और वहां से फटकार के बाद ईओ के कान खड़े हो गए।
दरअसल मामला सरधना के शिवाजी नगर का है। यहां पर डेयरी से निकलने वाली गंदगी से लोगों का जीना मुहाल है। हालात इस कदर खराब हैं कि लोगों का घर ने निकलना मुश्किल हो रहा है। मोहल्लावासियों का आरोप है कि इसके लिए स्थानीय प्रशासन से लेकर प्रदेश के नगर विकास मंत्री तक से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन समस्या का हल नहीं हुआ। इसके बाद लोगों ने हंगामा किया तो ईओ निरूपमा प्रताप मौके पर पहुंची और डेयरी संचालकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस विभाग को पत्र लिखने का आश्वासन देकर चली गईं। इसी बीच बुधवार को पीएमओ को स्थानीय नागरिकों मुकेश कुमार, मोहित राणा और कपिल ने शिकायती मेल किया। इसके बाद लोगों को पीएमओ से फोन कर ईओ का नंबर मांगा गया। बमुश्किल 12 घंटे के बाद ईओ निरूपमा प्रताप फिर मौके पर पहुंच गईं और डेयरी संचालकों का 24 घंटे में डेयरियां हटाने के आदेश दिए। गंदगी से परेशान रोहित और सत्यपाल का कहना था कि इस बार उनके साथ पुलिस भी थी और उनके तेवर भी बदले हुए थे। ऐसा लग रहा था कि कोई अधिकारी अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभा रहा है।
गोबर के कारण घरों में घुस रहा था पानी
शिवाजी नगर कालोनी के निवासियों का कहना है कि डेयरी की गंदगी के कारण उसका पानी और गोबर घरों में घुस रहा है। गंदगी के चलते पैदल चलने वाले रास्ते बंद हो गए हैं और बाइक से भी निकलना दूभर हो गया है। कई बार गोबर में बाइक फिसलकर गिर जाती है।
अब इस मामले में ईओ निरूपमा प्रताप का कहना है कि वे पहले भी डेयरी संचालकों के खिलाफ पुलिस विभाग को पत्र लिख चुकी हैं। पीएमओ कार्यालय से फोन आया था और इस मामले में तुरंत कार्रवाई करने की बात की गई है। नगर पालिका स्तर से डेयरी संचालकों पर जुर्माना लगाने की तैयारी की जा रही है।
Published on:
22 Dec 2017 12:07 pm

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