एसएसपी ने शिकायत मिलने के बाद करार्इ थी जांच
मेरठ। मेरठ में बड़े पैमाने पर कोचिंग सेंटर संचालकों द्वारा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में आल इंडिया रेटिंग पाए छात्रों को अपने यहां का दिखाकर विज्ञापन प्रकाशित कराने का खेल चल रहा है। कुछ कोचिंग सेंटर दूसरे कोचिंग सेंटर के छात्रों की आल इंडिया रेटिंग (एआईआर) को अपने कोचिंग इंस्टीट्यूट में अध्यनरत छात्रों की एआईआर दर्शाकर विज्ञापन प्रकाशित करवाने का मामला पकड़ में आया है। जिसमें एक कोचिंग संचालक ने थाने में शिकायत दर्ज करा दी। जिससे कोचिंग संचालक को लेने के देने पड़ गए। इस मामले में एसपी क्राइम ने एक कोचिंग संचालक के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
काेचिंग सेंटरों के बीच रेटिंग गेम
पीएल शर्मा रोड स्थित एक कोचिंग के संचालक ने बीती 19 मई को एसएसपी से शिकायत दर्ज कराई थी। उसका आरोप था कि एक अन्य कोचिंग संचालक उनके सेंटर के छात्रों को अपने यहां का बताकर उनके नाम और फोटो समाचार पत्रों में छपवा रहा है। कोचिंग संचालक ने वे सारे कागजात दिखाए जिससे कथित कोचिंग सेंटर के फर्जीवाड़े का खेल उजागर हो रहा था। शिकायतकर्ता का आरोप था कि वर्ष 2016 की नीट परीक्षा के बाद कोचिंग सेंटर संचालक अंकुर दत्त ने कुछ समाचार पत्रों में अपने कोचिंग सेंटर का विज्ञापन प्रकाशित कराया था। उक्त विज्ञापन में उन्होंने अपने कोचिंग के छात्रों की आल इंडिया रेटिंग यानी एआईआर वह दिखाई जो उनके कोचिंग सेंटर के छात्रों की नहीं थी।
एसपी क्राइम की जांच के बाद एफआर्इआर
शिकायत पर एसएसपी ने एसपी क्राइम शिवराम यादव को मामले की जांच सौंपी थी। इस मामले में जांच के बाद एसपी क्राइम रेटिंग के नाम पर चल रहे इस फर्जीवाड़े को पकड़ा। शिकायतकर्ता लगाए गए आरोपों में सत्यता मिली। जिसके बाद एसपी क्राइम की संस्तुति पर एसएसपी ने लालकुर्ती पुलिस को आरोपी कोचिंग संचालक अंकुर दत्त के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। पुलिस की इस कार्रवाई से अन्य कोचिंग सेंटर संचालकों में भी हड़कंप मचा हुआ है। बताते चले कि कोचिंग सेंटर संचालकों द्वारा यह खेल बहुत समय से चल रहा है। जिससे उन कोचिंग संचालकों को परेशानी होती है जिनके यहां पढने वाले छात्र आल इंडिया रेटिंग में तो आ जाते हैं लेकिन उसका श्रेय ऐसे तथाकथित कोचिंग सेंटर संचालक ले जाते हैं।