
थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर कार्रवार्इ नहीं की तो महिलाएं एसएसपी कार्यालय पहुंची आमत्मदाह करने, देखें वीडियाे
मेरठ। डीआईजी अखिलेश कुमार के आदेश को थानों में हवा में उड़ाया जा रहा है। थाने में सुनवाई न होने पर डीआईजी से अपनी बात रखने के लिए फरियादियों को पुलिस कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। बताते चलें कि जब डीआईजी अखिलेश कुमार ने चार्ज संभाला था। उसी दौरान थाना प्रभारियों को हिदायत दी थी कि थाने में पीड़ितों को प्रमुखता से सुना जाए, लेकिन अपने ही अधिकारी की इस चेतावनी को थानेदारों ने हवा कर दिया। लालकुर्ती थाने में कार्रवाई न होने पर विवाहिता के मायके से महिलाएं पुलिस कार्यालय पहुंच गई और वहां चटाई बिछाकर धरना दिया। इतना ही नहीं महिलाओं ने आत्मदाह का भी प्रयास किया।
लालकुर्ती क्षेत्र में हुई एक विवाहिता की हत्या के मामले में आरोपी ससुराल वालों के खिलाफ कार्रवार्इ न होने पर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। मायके पक्ष की महिलाओं ने एसएसपी कार्यालय पर हंगामा करते हुए आत्मदाह का प्रयास किया तो कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने किसी प्रकार महिलाओं के हाथ से केरोसिन की बोतल छीनकर उन्हें काबू में किया। इसके बाद मृतक महिला के परिजनों को आला अधिकारियों से मिलवाया गया। परिजनों ने बताया की आगरा निवासी युवती की शादी लालकुर्ती निवासी युवक से हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पांच माह पूर्व ससुराल वालों ने दहेज की मांग को लेकर विवाहिता की पीट-पीटकर हत्या कर दी।
उन्होंने बताया कि इस मामले में आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। आरोप है कि इसके बावजूद पुलिस ने किसी को गिरफ्तार नहीं किया। बीते दिन पुलिस ने ससुराल पक्ष के कुछ लोगों को उठाया, लेकिन उन्हें भी मोटी रकम वसूल कर छोड़ दिया। अधिकारियों ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। डीआईजी अखिलेश कुमार ने बताया कि पीड़ितों का पक्ष जानने के बाद थाना पुलिस को कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। किसी भी निर्दोष के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। जांच में जो भी दोषी होगा। उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
02 Feb 2019 12:58 pm
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