पिछले दिनों कलेक्ट्रेट में धर्मगुरूओं की बैठक में शादी व अंतिम संस्कार के लिए दी जाने वाली रियायतों का हवाला देते हुए ईद की नमाज भी 20-20 लोगों की जमात को 15-15 मिनट के अंतराल पर पढऩे का सुझाव देते हुए जिला प्रशासन से अनुमति मांगी गई थी। लेकिन डीएम, एसपी ने मांग खारिज कर दी थी। चौथे चरण के लॉकडाउन की गाइडलाइन आते ही ईद की नमाज अपने-अपने घरों में ही अदा करने की स्थिति साफ हो गई। शहरकाजी ने मुसलमानों से अपील की कि लॉकडाउन की गाइडलाइन के अनुसार ही अपने-अपने घरों में ईद की नमाज सादगी के साथ अदा करें। ईद पर न किसी के गले मिलें, न मुसाफा (हाथ मिलाने) करें और न ही किसी के घर जाकर सेवईं खाएं। ईद की खरीददारी की जगह गरीबों, मिस्कीनों व मदरसों में इस्लाम धर्म द्वारा निर्धारित फितरा-जकात ज्यादा से ज्यादा दें।