
मेरठ। तत्कालीन इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह चौहान (Laxmi Singh Chauhan) आज से 24 घंटे की रिमांड (Police Remand) पर दिए जाने के आदेश स्पेशल जज भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट संख्या दो इरफान कमर ने सशर्त दिए है। आदेश कल रविवार सुबह 10 बजे तक लागू रहेगा।
सरकारी वकील सिराजुद्दीन अलवी के अनुसार विवेचक सीओ गाजियाबाद आतिश कुमार सिंह ने लक्ष्मी सिंह चौहान को पुलिस रिमांड पर लेने के लिए न्यायालय में अर्जी दी थी। अर्जी में कहा था कि रुपये बरामद कराने के लिए जब महिला इंस्पेक्टर से पूछताछ की तो बताया कि रुपये गाजियाबाद की एक बंद फैक्ट्री में रखे हैं। कुछ रुपये सह अभियुक्तों में बांटे जा चुके हैं। महिला इंस्पेक्टर के अधिवक्ता जगदीश पावटी ने अदालत को बताया कि वह रुपये बरामद नहीं करा सकती। पुलिस ने जो प्रार्थना पत्र दिया है, वह गलत है। अदालत ने महिला इंस्पेक्टर को 24 घंटे की पुलिस रिमांड पर दे दिया। अदालत ने आदेश दिया कि पुलिस रिमांड पर लेने से पूर्व तथा वापस दाखिल करने से पूर्व चिकित्सीय परीक्षण कराया जाएगा। उधर, इस मामले में एक अन्य आरोपित नवीन पचौरी की अग्रिम जमानत अर्जी को भी अदालत ने खारिज कर दिया। बता दें कि इस मामले में गाजियाबाद पुलिस ने सभी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रूपये का इनाम घोषित किया था। लेकिन इसके बाद भी पुलिस आरोपी पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई थी। वहीं इस्पेक्टर लक्ष्मी चौहान और एक अन्य पुलिस कर्मी ने मेरठ की भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट संख्या दो में सरेंडर कर दिया था। जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया था।
यह है पूरा मामला
साहिबाबाद साइट-4 औद्योगिक क्षेत्र स्थित सीएमएस इंफो सिस्टम कंपनी एटीएम में कैश लोड करने का काम करती है। कंपनी ने 22 अप्रैल को गाजियाबाद के लिंक रोड थाने में कंपनी के कैश कस्टोडियन एजेंट राजीव सचान के खिलाफ करीब 72.50 लाख रुपये गबन का मामला दर्ज कराया था, जो जांच में 3.50 करोड़ रुपये का निकला। गाजियाबाद के लिंक रोड थाने की तत्कालीन इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह चौहान ने पुलिस टीम के साथ 24 सितंबर को राजीव सचान को साथी आमिर के साथ गिरफ्तार कर उनसे 1.15 करोड़ रुपये बरामद किए, लेकिन इस बीच नोटों से भरा एक बैग गायब कर दिया गया। जबकि थाने की बरामदगी फर्द में महज 45 लाख 81 हजार 500 रुपये की बरामदगी ही दिखाई। इस मामले में आईजी रेंज आलोक सिंह के निर्देश पर 25 सितंबर को इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह चौहान, दरोगा नवीन कुमार और बच्चू सिंह, फराज खान, धीरज भारद्वाज, सौरभ शर्मा, सचिन कुमार सहित सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ 60-70 लाख रुपये गबन करने का मुकदमा दर्ज हुआ था। बाद में एक पुलिसकर्मी गवाह बन गया था।
Published on:
16 Nov 2019 01:10 pm
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