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मेरठ। गृह मंत्रालय की ओर से गठित विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट के मुताबिक तीसरी लहर की आशंका सितंबर और अक्टूबर के बीच जताई गई है। इसको लेकर जिले में सतर्कता बढ़ा दी गई है। जिले में टीकाकरण केंद्रों की संख्या और टीकाकरण की रफ्तार में तेजी आज से शुरू कर दी गई है। सीएमओ डा0 अखिलेश मोहन के अनुसार तीसरी लहर के लिए जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार यह बच्चों को बड़ों दोनों को समान रूप से प्रभावित करेगी।
सीएमओ ने बताया कि बच्चों के संक्रमित होने की स्थिति में पीकू वार्ड पूरी तरह से तैयार किए गए हैं। डाक्टर और उपकरण जैसे वेंटिलेटर, एंबुलेंस आदि जिले में संख्या के अनुरूप उपलब्ध हैं। बता दे कि इस संबंध में डीएम ने भी रिपोर्ट मांगी है। वर्तमान टीकाकरण दर में वृद्धि की जा रही है। केजीएमयू के डा0सूर्यकांत ने बताया कि प्रमुख विशेषज्ञों ने बार-बार देश में कोरोना की तीसरी लहर आने की चेतावनी दी है। महामारी विशेषज्ञों ने आशंका व्यक्त की है कि जब तक हममें टीकाकरण या संक्रमण के जरिये व्यापक रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित नहीं हो जाती, तब तक मामले बढ़ते रहेंगे। सीएमओ ने कहा है कि 80-90 फीसद आबादी में रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित होने पर ही बड़े पैमाने पर रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने का लक्ष्य हासिल किया सकता है।
अगर 67 फीसद आबादी में वायरस के खिलाफ रोग प्रतिरोधक क्षमता (कुछ में वायरस के जरिये और शेष में टीकाकरण के जरिये) विकसित हो जाती है तो बड़े पैमाने पर हर्ड इम्युनिटी का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। डा0 सूर्यकांत ने कहा कि सार्स कोव-2 के नए और अधिक संक्रामक वैरिएंट सामने आने के बाद यह जटिल हो गया है। वायरस के ये स्वरूप पहले हुए संक्रमण से बनी रोग प्रतिरोधक क्षमता से बच सकते हैं। कुछ मामलों में ये मौजूदा टीकों से भी बच सकते हैं।
Published on:
24 Aug 2021 02:11 pm
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