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इलाहाबाद हाईकोर्ट में 1.80 लाख आपराधिक मामले लंबित, 7214 दोष सिद्ध अपराधी काट चुके हैं सजा

Nearly 1.80 Lakh Criminal Cases Pending in Allahabad Highcourt- इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad Highcourt) में 1.80 लाख आपराधिक मामले लंबित पड़े हैं। कोर्ट ने 160 पदों को स्वीकृत किए हैं जिसमें से सिर्फ 93 न्यायाधीश कार्यरत हैं।
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प्रयागराज

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Karishma Lalwani

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Updated: 24 Aug 2021, 1:34 PM IST

Nearly 1.80 Lakh Criminal Cases Pending in Allahabad Highcourt

Nearly 1.80 Lakh Criminal Cases Pending in Allahabad Highcourt

प्रयागराज. Nearly 1.80 Lakh Criminal Cases Pending in Allahabad Highcourt. इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad Highcourt) में 1.80 लाख आपराधिक मामले लंबित पड़े हैं। कोर्ट ने 160 पदों को स्वीकृत किए हैं जिसमें से सिर्फ 93 न्यायाधीश कार्यरत हैं। दरअसल, यूपी सरकार ने लंबे समय से लंबित मामले और उनसे निपटने के लिए उठाए गए कदमों को की जानकारी कोर्ट को दी। आदेश में उच्च न्यायालय द्वारा उन दोषियों को जमानत देने के लिए "व्यापक मानदंड" निर्धारित करने में मदद करने के लिए कहा गया था जिनकी अपील लंबे समय से लंबित है। अगस्त 2021 तक लखनऊ पीठ और इलाहाबाद उच्च न्यायालय दोनों में करीब 1,83,000 आपराधिक अपीलें लंबित हैं। वहीं अगस्त 2021 तक ही यूपी की विभिन्न जेलों में 7214 अपराधी 10 साल से अधिक समय तक अपनी सजा काट चुके हैं। लेकिन उनकी आपराधिक अपील उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित है। यह जानकारी उत्तर प्रदेश सरकार और इलाहाबाद उच्च न्यायालय की रजिस्ट्री द्वारा न्यायमूर्ति एस के कौल की अध्यक्षता वाली एक पीठ के साथ पूर्व के आदेश का अनुपालन करते हुए साझा की गयी।

31,044 आपराधिक मामलों का हो चुका निपटारा

न्यायालय से कहा गया है कि लंबित मामलों से निपटने के कदमों को सूचीबद्ध करते हुए उन्होंने कहा कि 2000 से अब तक 31,044 आपराधिक अपीलों का निपटारा किया जा चुका है। कोर्ट के सामने 102 पेज का दस्तावेज प्रस्तुत किया गया जिसमें चार समितियों के बारे में बताया गया। यह भी जानकारी दी गई कि 14 जुलाई, 2014 से प्रभावी रोस्टर के अनुसार, उन आपराधिक अपीलों की सुनवाई को प्राथमिकता दी जाती है, जहां आरोपी ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 436ए के मद्देनजर आधे से अधिक सजा काट ली है और आरोपी जेल में है। इसके अलावा हत्या, बलात्कार, डकैती और अपहरण से संबंधित मामलों की सुनवाई को भी प्राथमिकता दी जाती है।

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