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बाबरी विध्वंस पर बोले मुस्लिम धर्मगुरू- जो तरीका उनको अपनाना हो अपना लें, केंद्र आैर प्रदेश में उनकी सरकार, देखें वीडियो

छह दिसंबर 1992 बाबरी विध्वंस पर बोले- मुस्लिम तो चुप हैं, वे कुछ बोल नहीं रहे तुमको किसने रोका है      

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meerut

बाबरी विध्वंस पर बोले मुस्लिम धर्मगुरू- जो तरीका उनको अपनाना हो अपना लें, केंद्र आैर प्रदेश में उनकी सरकार, देखें वीडियो

केपी त्रिपाठी, मेरठ। आज बाबरी मस्जिद बरसी को 25 साल से अधिक हो गए। प्रतिवर्ष बाबरी मस्जिद की बरसी पर छह दिसंबर को मुस्लिम बाबरी मस्जिद शहादत दिवस और हिन्दू शौर्य दिवस के रूप में मनाते हैं। आज भी शहर में इसको लेकर जगह-जगह कार्यक्रम हुए, लेकिन कहीं आम लोगों में इसका कोई असर नहीं देखने को मिला। इस बारे में जब मुस्लिम धर्मगुरू मुफ्ती अशरफ कारी से उनकी राय ली गई तो उनका कहना था कि हिन्दू हमारे बड़े भाई हैं और हम उनके छोटे भाई हैं। ये मुल्क दोनों ही भाई लोगों का है। बाबरी विध्वंस का दुख मुस्लिम भाइयों को जरूर है। मामला न्यायालय में चल रहा है। इस बात का दुख है कि इतने साल बाद भी इसका कोई हल नहीं निकला है। अशरफ कारी ने कहा कि इस समय तो भाजपा की सरकार केंद्र और प्रदेश दोनों ही जगह पर है। फिर अब किस बात की देरी है।

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करना कुछ नहीं सिर्फ भड़काना है

अशरफ कारी ने कहा कि भाजपा को करना कुछ नहीं है। सिर्फ भड़काकर उनको वोट एकत्र करनी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में चुनाव आ रहे हैं इसलिए ऐसा माहौल तैयार किया जा रहा है। जिससे कि हिन्दू और मुस्लिमों को बांटा जा सके। उन्होंने कहा कि कोई मुस्लिम मन्दिर बनाने से किसी को रोक नहीं रहा है। आप पार्लियामेंट में संविधान बना सकते हैं, विधेयक ला सकते हैं और कोर्ट से भी निवेदन कर सकते हैं। फिर देर किस बात की है। सभी मुस्लिम चुप बैठे हैं मुस्लिम संगठन भी चुप हैं। आपको कोई मंदिर बनाने से नहीं रोक रहा। उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेश को मानने की जिम्मेदारी सभी की है चाहे वो बहुसंख्यक हो या अल्पसंख्यक। सरकार को भी यह समझ लेना चाहिए कि अब कोई भी उनके बहकावे में आने वाला नहीं है। अशरफ कारी ने कहा कि आज 26 साल के करीब हो गए हैं बाबरी मस्जिद की शहादत संविधान के विरूद्ध घटना थी।