रेमडेसिविर इंजेक्शन लगने से बिगड़ी कोरोना मरीजों की हालत, अस्पतालों में मचा हड़कंप

कई अस्पतालों में मच गया हड़कंप। नए बैच के इंजेक्शन ब्रिकी और इस्तेमाल पर लगा बैन। मरीजों केा हुई घबराहट और लगने लगी ठंड।

By: Rahul Chauhan

Published: 08 May 2021, 11:51 AM IST

मेरठ। जिस रेमडेसिविर इंजेक्शन (remdesivir injection) की कालाबाजारी हो रही है और यह कई गुना कीमतों पर मरीजों के परिजनों को मिल रहा है। उसी रेमडेसिविर इंजेक्शन से मरीजों की जान पर बन आई। जिसके चलते अस्पतालों में हड़कंप मच गया। कारण, मेरठ के कई अस्पतालों में रेमडेसिवर इंजेक्शन लगाने के बाद रात में मरीजों की हालत बिगड़ गई। कई मरीजों केा उल्टी,घबराहट और ठंड लगने की शिकायत हुई। जिसके बाद अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकों में भी हड़कंप मचा रहा। इंजेक्शन लगाने वाले चिकित्सकों ने बताया कि जो रेमडेसिविर इंजेक्शन लगाए गए हैं वे नए बैच के हैं। इसकी जानकारी तत्काल ड्रग विभाग को दी गई। जिसके बाद नए बैच के इंजेक्शन लगाने और उसकी बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया।

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दरअसल, रेमडेसिविर इंजेक्शन कोविड के गंभीर मरीजों को दिया जाता है। एक मरीज को इसकी कुल छह डोज देते हैं। गत शुक्रवार की रात मेरठ के दो प्रमुख अस्पतालों में बने कोविड वार्ड में भर्ती गंभीर मरीजों को रेमडेसिविर इंजेक्शन की डोज दी गई। मरीजों को इंजेक्शन लगाने के बाद उनमें रिएक्शन होने लगा। मरीजों ने धुंधला दिखने,ठंड लगने, घबराहट के साथ सांस फूलने की शिकायतें करनी शुरू कर दी। डाक्टरों ने कारण खोजा तो पता चला कि रेमडेसिविर इंजेक्शन लगाने के बाद मरीजों की तबीयत बिगड़ी थी। पीपीई किट पहनकर स्टाफ अंदर गया और मरीजों की जांच की गई। अस्पतालों ने इसकी सूचना जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग को दी। इस बैच के सभी इंजेक्शन वापस मंगाए गए।

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एसीएमओ डा. पूजा शर्मा ने बताया कि रिपोर्ट बनाकर प्रशासन को भेज दी गई है। सीएमओ डा. अखिलेश मोहन ने बताया कि अस्पताल वालों ने नए बैच के रेमडेसिविर से रिएक्शन की बात कही है। शासन को सूचित कर दिया गया है। मरीजों की हालत में सुधार है। जानकारी के मुताबिक मेडिकल कालेज में भी रेमडेसिविर इंजेक्शन लगाने के बाद मरीजों ने ऐसी शिकायत की थी। लेकिन इसे पूरी तरह गोपनीय रखा गया था।

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