
रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने निकाय चुनाव प्रचार से दूरी बना ली है। उन्होंने जिले स्तर के पार्टी नेताओं और विधायकों को चुनाव प्रचार में शामिल होने के लिए कहा है।
जयंत चौधरी ने यह निर्णय पहले चरण के मतदान से पहले लिया है। यानी दूसरे चरण के चुनाव प्रचार में जयंत चौधरी सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ नहीं होंगे।
बता दें इससे पहले सहारनपुर में जब अखिलेश यादव ने सहारनपुर में चुनाव प्रचार किया था उस दौरान भी जयंत चौधरी उनके साथ नहीं थे। इसे रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह चौधरी का बड़ा निर्णय माना जा रहा है।
चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी जिला स्तर के संगठन पदाधिकारियों को
राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह ने निकाय चुनाव प्रचार के लिए किसी भी जिले में चुनाव प्रचार नहीं करने का फैसला किया है। इसके लिए उन्होंने पूरी जिम्मेदारी जिला स्तर पर संगठन पदाधिकारियों को सौंपी है।
रालोद प्रदेश मीडिया प्रभारी सुनील रोहटा ने इस बारे में बातचीत करने पर बताया कि चौधरी जयंत सिंह की ओर से पार्टी पदाधिकारियों को निर्देश जारी हुए हैं कि वह चुनाव प्रचार में शामिल नहीं होंगे।
प्रदेश के जिन जिलों में दूसरे चरण में मतदान होना है वहां पर चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी क्षेत्रीय नेताओं की होगी। मेरठ में चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी पार्टी के विधायक, जिलाध्यक्ष व अन्य पदाधिकारियों को सौंपी है।
मेरठ में होगी 7 मई को गठबंधन की चुनावी सभा
मेरठ में सपा, रालोद और आसपा महागठबंधन की सात मई को चुनावी सभा का कार्यक्रम है। जिसमें सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह और आसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद के आने की तैयारी की जा रही है। लेकिन जयंत चौधरी की ओर से इस चुनाव प्रचार कार्यक्रम से दूरी बनाई गई है।
Published on:
04 May 2023 11:12 am
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