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हाथरस में जयंत चौधरी पर लाठीचार्ज के विरोध में सड़कों पर उतरे रालोद नेता और कार्यकर्ता

Highlights- RLD पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन- UP Government की बर्खास्तगी की मांग पर अड़े- कलक्ट्रेट में धरना और प्रदर्शन के साथ घेराव की चेतावनी

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मेरठ

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lokesh verma

Oct 05, 2020

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मेरठ. हाथरस में रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी के ऊपर हुए लाठीचार्ज के विरोध में रालोद में उबाल है। रालोद पदाधिकारी और कार्यकर्ता इस मामले में सड़कों पर है। अपने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी पर हाथरस में हुए लाठीचार्ज की रालोद नेताओं ने कड़ी निंदा करते हुए सरकार की बर्खास्तगी की मांग कर डाली है। सरकार के विरोध में मेरठ समेत वेस्ट यूपी में जगह-जगह प्रदर्शन कर पुतले फूंके जा रहे हैं। मुजफ्फरनगर में रालोद कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम कर विरोध दर्ज कराया। वहीं, मेरठ में कई स्थानों पर उग्र आंदोलन, कलक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन के साथ घेराव किया गया। वेस्ट यूपी के सभी जिलों में सोमवार को धरना-प्रदर्शन किए गए।

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बता दें कि रविवार को जैसे ही रालोद कार्यकर्ताओं को जयंत चौधरी पर लाठीचार्ज की सूचना मिली। उसके बाद मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली समेत सभी जिलों में पार्टी की बैठकें शुरू हो गईं थी। इसके बाद बैठक में सरकार के विरोध की रणनीति बनाई गई, जिसके तहत रविवार को ही मुजफ्फरनगर में रालोद कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम कर दी थी। वहीं, साेमवार को मेरठ में रालोद ने सरकार का पुतला फूंका। जिले में जानी, मवाना, रोहटा क्षेत्र में भी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराया।

रालोद के क्षेत्रीय अध्यक्ष यशवीर सिंह ने बताया कि वेस्ट यूपी के सभी जिलों में सोमवार को विरोध प्रदर्शन कर सरकार की बर्खास्तगी की मांग गई। रालोद कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। हाथरस में राष्ट्रीय लोक दल के नेता जयंत चौधरी और रालोद कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज के बाद देशभर के किसानों में रोष है। मेरठ में रालोद कार्यकर्ता और किसानों ने कहा कि जयंत चौधरी पर यह हमला सोची समझी साजिश है, जिसकी कीमत सरकार को चुकानी पड़ेगी। किसानों के मसीहा कहे जाने वाले चौधरी चरण सिंह के वंशज के साथ यह व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसानों ने राष्ट्रपति से मांग करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू कर मुख्यमंत्री को बर्खास्त किया जाए।

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