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RTO office Meerut : आरटीओ ऑफिस का क्लर्क रिश्वत लेता रंगे हाथों एंटी करप्शन टीम ने पकड़ा

RTO office Meerut मेरठ आरटीओ ऑफिस में एक बार फिर रिश्वत का खेल उजागर हो गया। मेरठ आरटीओ ऑफिस का क्लर्क मुंशीलाल रिश्वत लेता हुआ एंटी करप्शन के हत्थे चढ़ गया। आरटीओ ऑफिस के रिश्वतखोर क्लर्क को एंटी करप्शन की टीम ने थाना नौचंदी पुलिस को सौंप दिया है। जहां पर उसके खिलाफ रिश्वतखोरी में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया।

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मेरठ

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Kamta Tripathi

Sep 13, 2022

RTO office Meerut : आरटीओ आफिस का क्लर्क रिश्वत लेता रंगे हाथों एंटी करप्शन टीम ने पकड़ा

RTO office Meerut : आरटीओ आफिस का क्लर्क रिश्वत लेता रंगे हाथों एंटी करप्शन टीम ने पकड़ा

RTO office Meerut मेरठ आरटीओ ऑफिस में व्याप्त भ्रष्टाचार की पोल आज उस समय खुल गई। जब आरटीओ ऑफिस का एक क्लर्क मुंशीलाल रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। आरोपी आरटीओ क्लर्क रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन की टीम ने रंगे हाथों पकड़ा है। आरटीओ का रिश्वतखोर क्लर्क रजिस्ट्रेशन के नाम पर ई रिक्शा डिस्ट्रीब्यूटर पर रिश्वत लेने का दबाव बना रहा था। एंटी करप्शन टीम ने आरोपी आरटीओ क्लर्क मुंशीलाल के खिलाफ नौचंदी थाने में मुकदमा दर्ज करवा दिया है। बता दें कि मेरठ आरटीओ ऑफिस में भ्रष्टाचार पूरी चरम पर है। बिना रुपया दिए कोई काम नहीं होता। आरटीओ ऑफिस में चप्पे-चप्पे पर दलालों का राज है।


मेरठ के थाना लिसाड़ी गेट क्षेत्र के अहमदनगर निवासी अफजाल के पास बादशाह कंपनी ई रिक्शा की डिस्ट्रीब्यूटरशिप है। उन्होंने बताया कि आरटीओ ऑफिस का क्लर्क मुंशीलाल उन पर रजिस्ट्रेशन के नाम पर रिश्वत मांग रहा था। वह हर रोज रिश्वत का दबाव बनाता था। उन्होंने जब आरटीओ क्लर्क मुंशीलाल को कहा कि उनके सभी कागजात पूरे हैं। कहीं कोई कमी नहीं है इसके बाद भी उनके यहां की ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन नहीं किया जा रहा तो आरटीओ रिश्वतखोर क्लर्क ने उनकी बात नहीं सुनी और उनकी फाइल को रोककर रख लिया। अफजाल ने बताया कि उन्होंने इसकी शिकायत संभागीय परिवहन अधिकारी के अलावा अन्य अधिकारियों से भी की। लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनीं। इसके बाद उन्होंने एंटी करप्शन विभाग को इसके बारे में लिखित रूप से शिकायत दर्ज कराई।


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एंटी करप्शन की टीम ने करीब एक सप्ताह तक आरटीओ ऑफिस के रिश्वतखोर क्लर्क पर नजर रखी। इसके बाद आज मंगलवार को कार्रवाई की शुरूआत की। एंटी करप्शन की टीम ने ई रिक्शा डिस्ट्रीव्यूटर अफजाल को 7500 रुपये के नोट पाउडर लगाकर दिए। इसके बाद उसको आरटीओ ऑफिस भेज दिया। इस दौरान एंटी करप्शन की टीम ने अपना जाल आरटीओ ऑफिस में फैला दिया। अफजाल रिश्वतखोर क्लर्क के पास पहुंचा और उसने वहीं रूपये रिश्वत खोर क्लर्क मुंशीलाल को दिए। इसी दौरान एंटी करप्शन की टीम ने उसको दबोच लिया। मौके पर ही रिश्वतखोर क्लर्क के हाथ पानी से धुलवाए गए तो उसके हाथ गुलाबी हो गए। ये वहीं पाउडर था जो रूपये में लगाया गया था। उसे दबोच लिया।


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आरोपी रिश्वतखोर क्लर्क को पकड़कर टीम नौचंदी थाने ले गईं। जहाँ मुकदमा पंजीकृत करा दिया गया। बता दें कि मेरठ आरटीओ आफिस में रिश्वतखोरी का ये कोई नया मामला नहीं है। इससे पहले भी कई बार आरटीओ आफिस के रिश्वतखोर क्लर्कों को एंटीकरप्शन की टीम रंगे हाथों पकड़ चुकी है। इसके अलावा एक बार एक चौनल ने आरटीओ विभाग में रिश्वतखोरी के खेल को सीधा लाइव उजागर किया था। उसके बाद से आरटीओ आफिस में चारों ओर से ग्रिल लगवा दी गई थी। जिससे कि रिश्वतखोरी का खेल गुपचुप तरीके से भीतर चलता रहे और कुछ कोई नहीं बोले।