
मेरठ। उत्तर प्रदेश की 13 विधानसभा सीटों पर इस साल के अंत तक उपचुनाव हो सकते हैं। इसके लिए सभी दलों ने तैयारी शुरू कर दी है। समाजवादी पार्टी ( SP ) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ( Akhilesh Yadav ) ने शुक्रवार को एक बड़ा फैसला लेकर सबको हैरान कर दिया। अखिलेश यादव के इस फैसल को लोकसभा चुनाव में मिली हार और उपचुनाव के लिए रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
बसपा को हुआ फायदा
2019 के लोकसभा चुनाव में सपा ने बहुजन समाज पार्टी ( BSP ) और राष्ट्रीय लोक दल ( RLD ) के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। चुनाव में बसपा को तो फायदा हुआ लेकिन सपा को काफी नुकसान हुआ था। डिंपल यादव और धर्मेंद्र यादव तक चुनाव हार गए थे। इसको देखते हुए पार्टी में बड़े फेरबदल की संभावना पहले ही जताई जा रही थी। शुक्रवार को अखिलेश यादव ने प्रदेश अध्यक्ष को छोड़कर प्रदेश, जिला और अन्य प्रकोष्ठों की कार्यकारिणी भंग कर दी।
अतुल प्रधान का नाम चल रहा सबसे आगे
इसके बाद माना जा रहा है कि अब अखिलेश यादव के करीबियों को अहम जिम्मेदारी मिल सकती है। इन्हीं में से एक हैं अतुल प्रधान। अखिलेश यादव अतुल प्रधान की काफी तारीफ करते हैं। चर्चा है कि अखिलेश अतुल प्रधान को अब कोई बड़ी जिम्मेदारी दे सकते हैं। बड़ी जिम्मेदारी पाने वालों में अतुल प्रधान का नाम सबसे आगे चल रहा है। अतुल प्रधान सपा छात्र सभा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। वह भाजपा के फायरब्रांड विधायक संगीत सोम के खिलाफ विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं। उसमें भले ही उनको हार मिली थी लेकिन उन्होंने भाजपा विधायक को कड़ी टक्कर दी थी।
Updated on:
24 Aug 2019 12:23 pm
Published on:
24 Aug 2019 12:22 pm
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