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कोरोना से मौत के बाद श्मशान में शव लेकर खड़ी रही एंबुलेंस, 20 घंटे बाद हुआ अंतिम संस्कार, फिर चप्पा-चप्पा सैनिटाइज

Highlights संभल के बुजुर्ग किसान की रविवार को हुई थी मेरठ में मौत मेडिकल कालेज के कोरोना वार्ड में चला था मरीज का इलाज मेरठ और संभल जिला प्रशासन में एक मत नहीं होने पर हुई देरी  

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मेरठ। कोरोना संक्रमण से होने वाली मौत को लेकर प्रशासन की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। दरअसल, संक्रमण से मरने वाले संभल के बुजुर्ग किसान के शव को लेकर उसका भतीजा और एम्बुलेंस चालक रात भर श्मशान घाट में खड़ा रहा। जब किसी ने उसकी सुध नहीं ली तो उसे सोशल मीडिया का सहारा लेना पड़ा। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद आनन-फानन में श्मशान घाट पहुंची स्वास्थ्य कर्मियों की टीम ने 20 घंटे बाद शव का अंतिम संस्कार कराया।

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संभल निवासी मनोज कुमार के मुताबिक मेडिकल में भर्ती उनके रिश्तेदार भगवत शरण शर्मा की दो दिन पहले कोरोना से मौत हो गई थी। आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते 20 घंटे से भी अधिक समय तक मृतक का शव मेडिकल की मोर्चरी में पड़ा रहा। दरअसल, मेरठ और संभल जिला प्रशासन के बीच एक मत नहीं था। संभल जिला प्रशासन नहीं चाहता था कि शव का अंतिम संस्कार संभल में हो। इसकी वजह से दोनों प्रशासन एक-दूसरे पर बात डालते रहे। सोमवार को डॉक्टरों ने भगवत के शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। जिसके बाद उनके रिश्तेदार मनोज एंबुलेंस में शव लेकर सूरजकुंड श्मशान घाट पहुंच गए। आरोप है कि रात भर कई अधिकारियों को फोन करने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग का कोई कर्मचारी शव का अंतिम संस्कार कराने नहीं पहुंचा। जिसके बाद मनोज ने सोशल मीडिया पर पूरे प्रकरण का वीडियो वायरल कर दिया।

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सोशल मीडिया में मामला वायरल होते ही आनन-फानन में मेडिकल के कर्मचारी श्मशान घाट पहुंचे और शव का अंतिम संस्कार कराया। श्मशान घाट के आचार्य पंडित विशाल शर्मा ने बताया कि चालक रात लगभग नौ बजे शव लेकर श्मशान घाट पहुंचा था। सुबह सीएमओ के हस्तक्षेप के बाद शव का अंतिम संस्कार कराया गया। इसी के साथ शमशान घाट के हर इलाके को सैनिटाइज किया गया।