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अधिकारियों ने चुपके से किया कुछ ऐसा, जानकारी मिलते ही दौड़ पड़े लोग

अभी जातीय हिंसा से मेरठ के दो गांव झुलस रहे हैं कि एक और गांव में प्रशासनिक अधिकारियों की हरकत से तनाव उत्पन्न हो गया है।

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मेरठ

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Rahul Chauhan

Aug 14, 2018

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अधिकारियों ने चुपके से किया कुछ ऐसा कि दौड़ पड़े लोग, दिया गया अल्टीमेटम

मेरठ। मेरठ के ग्रामीण क्षेत्र के मिजाज को मेरठ के नए अधिकारी समझ नहीं पाए हैं। अभी जातीय हिंसा से मेरठ के दो गांव झुलस रहे हैं कि एक और गांव में प्रशासनिक अधिकारियों की हरकत से तनाव उत्पन्न हो गया है। ये गांव है रोहटा थाना क्षेत्र का पूठ।

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सोमवार को रोहटा थाना क्षेत्र में प्रशासनिक अधिकारियों ने क्षेत्र के ग्रामीणों द्वारा अवैध रूप से स्थापित की गई शिवलिंग को उखाड़ते हुए चबूतरे को तोड़ डाला। इतना ही नहीं, अधिकारियों ने शिवलिंग को नहर में विसर्जित कर दिया, जिसे कुछ देर बाद ही ग्रामीणों ने निकाल लिया। घटना को लेकर ग्रामीणों में रोष है।

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ग्रामीणों ने अधिकारियों को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। ग्रामीणों ने कहा है कि अगर प्रशासन ने पिंडी की स्थापना फिर से नहीं कराई तो वे मेरठ मुख्यालय पर आकर अनशन करेंगे। दरअसल, बीती 9 अगस्त को पूठ के कुछ ग्रामीणों ने गंगनहर पुलिया पर एक चबूतरा बनाकर शिवलिंग स्थापित कर दी थी।

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शिवरात्री के पर्व पर माहौल खराब होने की आशंका के चलते अधिकारियों ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। लेकिन एलआईयू की रिपोर्ट के बाद प्रशासनिक अधिकारियों के कान खड़े हो गए। सोमवार की अलसुबह डिप्टी मजिस्ट्रेट प्रथम राजीव कुमार और डिप्टी मजिस्ट्रेट द्वितीय अमरीश त्यागी सिंचाई विभाग के एसडीओ सतेन्द्र और जेई उधमसिंह सहित दल बल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने आनन-फानन में शिवलिंग को उखड़वाकर नहर में विसर्जित कर दिया और जेसीबी की मदद से चबूतरे को तोड़ डाला। मात्र चंद मिनटों में कार्रवाई समाप्त कर अधिकारी वापस लौट गए।

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अधिकारियों को अंदेशा था कि अगर वो लोग वहां रूक गए तो बवाल हो सकता है। इसलिए वे कुछ ही समय में कार्रवाई कर उल्टे पैर वापस लौट आए। सुबह का समय इसलिए चुना कि सुबह ज्यादा लोगों की भीड़ नहीं होती है। वहीं, घटना का पता लगते ही ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़े, लेकिन तब तक अधिकारियों की गाडियां काफी आगे निकल चुकी थी। इससे ग्रामीणों में रोष फैल गया।

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कुछ ग्रामीणों ने नहर से शिवलिंग को निकाल लिया और दोबारा स्थापित कराने की बात पर अड़ गए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासनिक अधिकारियों ने शिवलिंग को पुनः उसी स्थान पर स्थापित नहीं किया तो वे मेरठ मुख्यालय पर जाकर भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे। वहीं, क्षेत्रीय अमीन जितेन्द्र ने अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ जमीन पर कब्जा कर शिवलिंग स्थापित करने की तहरीर दी है।