1 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अधिकारियों ने चुपके से किया कुछ ऐसा, जानकारी मिलते ही दौड़ पड़े लोग

अभी जातीय हिंसा से मेरठ के दो गांव झुलस रहे हैं कि एक और गांव में प्रशासनिक अधिकारियों की हरकत से तनाव उत्पन्न हो गया है।

2 min read
Google source verification

मेरठ

image

Rahul Chauhan

Aug 14, 2018

officer

अधिकारियों ने चुपके से किया कुछ ऐसा कि दौड़ पड़े लोग, दिया गया अल्टीमेटम

मेरठ। मेरठ के ग्रामीण क्षेत्र के मिजाज को मेरठ के नए अधिकारी समझ नहीं पाए हैं। अभी जातीय हिंसा से मेरठ के दो गांव झुलस रहे हैं कि एक और गांव में प्रशासनिक अधिकारियों की हरकत से तनाव उत्पन्न हो गया है। ये गांव है रोहटा थाना क्षेत्र का पूठ।

यह भी पढ़ें : शराब के नशे में धुत्त ट्रक चालक ने एचएच-24 पर इतनी गाड़ियों में मारी टक्कर, लोगों का हुआ यह हाल

सोमवार को रोहटा थाना क्षेत्र में प्रशासनिक अधिकारियों ने क्षेत्र के ग्रामीणों द्वारा अवैध रूप से स्थापित की गई शिवलिंग को उखाड़ते हुए चबूतरे को तोड़ डाला। इतना ही नहीं, अधिकारियों ने शिवलिंग को नहर में विसर्जित कर दिया, जिसे कुछ देर बाद ही ग्रामीणों ने निकाल लिया। घटना को लेकर ग्रामीणों में रोष है।

यह भी पढ़ें : NH 24 टोल बूथ पर कांवड़ियों का कब्ज़ा,जाम लगाकर किया हंगामा,ये थी वजह

ग्रामीणों ने अधिकारियों को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। ग्रामीणों ने कहा है कि अगर प्रशासन ने पिंडी की स्थापना फिर से नहीं कराई तो वे मेरठ मुख्यालय पर आकर अनशन करेंगे। दरअसल, बीती 9 अगस्त को पूठ के कुछ ग्रामीणों ने गंगनहर पुलिया पर एक चबूतरा बनाकर शिवलिंग स्थापित कर दी थी।

यह भी पढ़ें : इस हिंदू नेत्री ने सोनिया गांधी को लेकर दिया ऐसा विवादित बयान कि दिल्ली तक मच गया हड़कंप

शिवरात्री के पर्व पर माहौल खराब होने की आशंका के चलते अधिकारियों ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। लेकिन एलआईयू की रिपोर्ट के बाद प्रशासनिक अधिकारियों के कान खड़े हो गए। सोमवार की अलसुबह डिप्टी मजिस्ट्रेट प्रथम राजीव कुमार और डिप्टी मजिस्ट्रेट द्वितीय अमरीश त्यागी सिंचाई विभाग के एसडीओ सतेन्द्र और जेई उधमसिंह सहित दल बल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने आनन-फानन में शिवलिंग को उखड़वाकर नहर में विसर्जित कर दिया और जेसीबी की मदद से चबूतरे को तोड़ डाला। मात्र चंद मिनटों में कार्रवाई समाप्त कर अधिकारी वापस लौट गए।

यह भी पढ़ें : योगी सरकार की दुखती नस पर रख दिया रालोद ने हाथ

अधिकारियों को अंदेशा था कि अगर वो लोग वहां रूक गए तो बवाल हो सकता है। इसलिए वे कुछ ही समय में कार्रवाई कर उल्टे पैर वापस लौट आए। सुबह का समय इसलिए चुना कि सुबह ज्यादा लोगों की भीड़ नहीं होती है। वहीं, घटना का पता लगते ही ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़े, लेकिन तब तक अधिकारियों की गाडियां काफी आगे निकल चुकी थी। इससे ग्रामीणों में रोष फैल गया।

यह भी पढ़ें : 11 हजार की हाई टेंशन लाइन की चपेट में आए मदरसे के 27 छात्र, प्रशासन में मचा हड़कंप

कुछ ग्रामीणों ने नहर से शिवलिंग को निकाल लिया और दोबारा स्थापित कराने की बात पर अड़ गए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासनिक अधिकारियों ने शिवलिंग को पुनः उसी स्थान पर स्थापित नहीं किया तो वे मेरठ मुख्यालय पर जाकर भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे। वहीं, क्षेत्रीय अमीन जितेन्द्र ने अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ जमीन पर कब्जा कर शिवलिंग स्थापित करने की तहरीर दी है।

Story Loader