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Raksha Bandhan 2018: भार्इ को बांध रही हैं राखी तो उसमें लगाएं इतनी गांठें, इनके हैं ये गहरे रहस्य

Raksha Bandhan 2018 : राखी बांधते समय इस बात कर ध्यान रखें कि राखी बांधते हुए तीन गांठ लगानी है। तीन गांठ से तात्पर्य होता है। पहला भाई की दीर्घायु के लिए। दूसरी गांठ अपनी दीर्घायु के लिए और तीसरी गांठ भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की दीर्घायु के लिए।
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मेरठ

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Sanjay Kumar Sharma

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Updated: 25 Aug 2018, 4:09 PM IST

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Raksha Bandhan 2018: भार्इ को बांध रही हैं राखी तो उसमें लगाएं इतनी गांठ, इनके हैं ये गहरे रहस्य

मेरठ। रविवार 26 अगस्त को रक्षा बंधन का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा, लेकिन राखी कैसे बांधनी चाहिए और इसको बांधने समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। यह हम आपको बताने जा रहे हैं। आमतौर पर बहनें अपने भाई को राखी बांधकर उसको तिलक और मिठाई खिला देती हैं और इसी को ही मान लिया जाता है कि राखी बांध दी गई, लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए। बहन-भाई के इस पर्व को भारतीय परंपरा के अनुसार धर्मशास्त्र रीति से मनाना चाहिए। तभी इस पर्व क दायित्क की पूर्ति होती है।

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राखी बांधने की परंपरागत विधि

सर्वप्रथम बहन अपने भाई के माथे पर विजय तिलक लगाकर साबुत चावलों को माथे पर लगाएं। इसके बाद भाई की दायीं कलाई में वह रक्षासूत्र पवित्र भावों से बांधे, जिससे भाई हृदय से अपनी बहन के प्रति रक्षा सहित सभी प्रकार के दायित्व निभाने का उत्सुक व तत्पर रहें।

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राखी बांधते समय लगाए तीन गांठ

पंडित भारत ज्ञान भूषण के अनुसार बहन राखी बांधते समय इस बात कर ध्यान रखें कि उसे राखी बांधते हुए तीन गांठ लगानी है। तीन गांठ से तात्पर्य होता है। पहला भाई की दीर्घायु के लिए। दूसरी गांठ अपनी दीर्घायु के लिए और तीसरी गांठ भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की दीर्घायु के लिए। राखी में तीन गांठें अत्यन्त शुभ होती हैं। राखी बांधने के बाद बहन भाई की धूप-दीप से सात बार आरती के रूप में बलार्इयां उतारें। भाई आभार और शुभकामनाओं के रूप में शुभ धनराशि, उपहार अपनी बहन को प्रदान करें। इसके बाद हथेलियों से हथेलियों का स्पर्श करके पवित्र प्रेम एक दूसरे को प्रदान करें। इसके बाद परमात्मा, ईष्ट देवी, देवताओं व सभी बड़ों का अाशीर्वाद लें। इस प्रकार रक्षाबंधन पर्व सातों सुरों का मिठास से भरा सरगम पूर्ण पर्व हो जाता है।

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