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गठबंधन की उम्मीदवारी में बुआ मायावती भारी पड़ रही भतीजे अखिलेश पर, जानकर हो जाएंगे हैरान, देखें वीडियो

सपा-बसपा गठबंधन में सीट को लेकर बिगड़ सकत हैं समीकरण

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गठबंधन की उम्मीदवारी में बुआ मायावती भारी पड़ रही भतीजे अखिलेश पर, जानकार हो जाएंगे हैरान, देखें वीडियो

केपी त्रिपाठी, मेरठ। सपा और बसपा के महागठबंधन के बाद मेरठ मंडल की सभी लोकसभा सीटों पर भतीजे अखिलेश यादव पर बुआ मायावती की दावेदारी भारी पड़ रही है। बताते चलें कि मेरठ मंडल में पांच जिले आते हैं। इन पांच जिलों में लोकसभा की चार सीटें आती हैं। इन चार सीटों में मेरठ-हापुड, गाजियाबाद, बागपत और बुलंदशहर हैं। जातीय गणित हो या फिर हिन्दू-मुस्लिम वोटों के ध्रुवीकरण। वोटों के समीकरण से उपरोक्त सभी सीटों पर बसपा की दावेदारी सपा पर भारी पड़ रही है।

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इन सभी सीटों पर 2014 के लोकसभा चुनाव में बसपा, सपा से आगे ही रही थी। मेरठ में बसपा जबरदस्त टक्कर देते हुए दूसरे नंबर पर रही थी। इसी लिहाज से गठबंधन के बाद मेरठ और गाजियाबाद की सीटों पर बसपा दावेदारी कर रही है। मंडल की चारों सीटें आज भााजपा के कब्जे में हैं। बात गाजियाबाद लोकसभा सीट की करें तो इस पर 2014 के चुनाव में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने चुनाव लड़ा था। जबकि सपा से सूदन रावत तथा बसपा से मुकुल उपाध्याय भी मैदान में थे। यहां से पूर्व थलसेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह भाजपा के टिकट पर मैदान में थे। वीके सिंह भारी मतों से विजयी हुए थे। यहां बसपा तीसरे नंबर तथा सपा चौथे नंबर पर रही थी। दूसरे नंबर पर कांग्रेस के राजबब्बर रहे थे। बसपा इसी कारण से गाजियाबाद सीट पर अपनी दावेदारी जता रही है। इसके अलावा हापुड़-मेरठ संसदीय क्षेत्र में भाजपा लगातार दो बार से चुनाव जीत रही है। इस सीट पर 2014 में दूसरे नंबर पर बसपा के हाजी अखलाक रहे थे। तीसरे नंबर पर सपा के शाहिद मंजूर रहे थे। जबकि कांग्रेस से नगमा चौथे नंबर पर रही थी। यानि कि दूसरे नंबर पर रही बसपा मेरठ सीट पर अपनी पकड़ मजबूत रखना चाहती है। इस बार महागठबंधन के चलतेे बसपा मान रही है कि इस सीट पर उसका उम्मीदवार ही चुनाव जीतेगा। जिसके चलते उसका दावा सपा से अधिक है। ऐसे ही बुलंदशहर और बागपत की स्थिति है। बागपत में भाजपा के सत्यपाल सिंह ने रालोद सुप्रीमो अजित सिंह को 2014 में पटखनी दी थी। वहीं बसपा यहां से तीसरे स्थान पर रही थी। महागठबंधन में अगर रालोद शामिल होती है तो यह सीट रालोद के खाते में जाएगी। रालोद के महागठबंधन में शामिल न होने की स्थिति यहां पर पर भी वोटों के समीकरण के लिहाज से बसपा की दावेदारी सपा पर भारी पड़ रही है।

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बसपा के कोर्डिनेटर शमसुद्दीन राइन ने बताया कि मेरठ मंडल की अधिकांश सीटों पर महागठबंधन की ओर से बसपा उम्मीदवार ही चुनाव लड़ेगा। उन्होंने बताया कि बात सिर्फ मेरठ मंडल की नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में ही बसपा अधिकांश सीटों पर दूसरे नंबर पर रही थी।