7 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

नकली तेल के बड़े खेल में एसएसपी ने दिखाए कड़े तेवर, कई सफेदपोशों और नौकरशाहों पर निगाह, देखें वीडियो

खास बातें पेट्रोल पंपों पर नकली तेल बेचने वाले तीन पेट्रोल पंप पर सील निरस्त हो सकता है पंपो का लाइसेंस, आरोपी पर लगेगी रासुका एसएसपी ने किया चार सदस्यीय एसआईटी टीम का गठन

2 min read
Google source verification
meerut

मेरठ। मेरठ में पकड़े गए तेल के खेल में एसएसपी अजय साहनी ने कड़ा रूख अख्तियार किया हुआ है। इस मामले में एसएसपी ने एसआईटी का गठन किया है, जिसमें चार सदस्य शामिल हैं। एसआईटी को आईपीएस स्तर के अधिकारी लीड करेंगे। एसएसपी ने बताया कि मामला काफी समय से चल रहा था। इसमें अभी तक जांच में तीन पेट्रोल पंपों की संलिप्ता सामने आई है। इन पंपों की सेंपलिंग लेने के बाद इसको सील कर दिया गया है। सेपलिंग की रिपोर्ट आने के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ेंः यूपी के इस जिले में दुधारू गायों के नहीं खरीदार, कीमत भी हो गई आधी, वजह जानकार चौंक जाएंगे, देखें वीडियो

टीम की रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई

एसएसपी ने बताया कि इस मामले में अभी तक कुल नौ व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में ही पंपों के नाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि कानून के दायरे में रहते हुए एक टीम बनाई गई है। इसमें सप्लाई विभाग, प्रशासन विभाग और पुलिस विभाग के अधिकारियों को रखा गया है। उन्होंने कहा कि सेंपल जांच के लिए भेजा जा चुका है, चूंकि ये बड़ा मामला था, इसलिए जांच के लिए टीम का गठन किया गया है। ये टीम जांच के बाद अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद ही कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ेंः Krishna Janmashtami 2019: कालसर्प दोष खत्म करने के लिए इस जन्माष्टमी पर करें ये काम, इससे बेहतर उपाय कोई नहीं

आरोपियों पर लगाई जाएगी रासुका

उन्होंने कहा कि पूरी गाइडलाइन के तहत ही पेट्रोल पंप सील किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पेट्रोल पंप सील का उद्देश्य था कहीं कोई माल वहां से हटा न दिया जाए। एसएसपी ने बताया कि अगर पेट्रोल पंपों में अनियमितता पाई गई तो इसके लाइसेंस निरस्त के लिए लिखा जाएगा। वहीं अभियुक्तों पर रासुका लगाई जाएगी। नकली तेल मामले में सूत्रों का कहना है कि जिस तरह करोड़ों का खेल चल रहा था, इसमें बगैर सफेदपोशों व नौकरशाहों की मिलीभगत के नहीं हो सकता। पुलिस को इस मामले में एेसे ही कर्इ लोगों की संलिप्तता का अंदेशा है।