
मेरठ. सपा से अलग-थलग किए गए उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव के समर्थकों को सपा के संस्थापक अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव से फिर मायूसी हाथ लगी। उन्हें उम्मीद थी कि मुलायम लोहिया ट्रस्ट में मीडिया से रूबरू होने के दौरान कोर्इ बड़ी राजनीतिक घोषणा कर सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इससे शिवपाल के समर्थक मायूस और नाराज हैं। वे इसकी वजह पुत्र मोह को मान रहे हैं।
'समाजवाद' को नहीं चाहते
जनपद के शिवपाल सिंह यादव समर्थक चाहते हैं कि शिवपाल सिंह यादव अब 'राष्ट्रवाद' का झंडा लेकर आगे बढ़ें, क्योंकि प्रदेश समाजवादी शब्द से बहुत उक्ता चुका है। पू्र्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव 'समाजवाद' का दोहन कर रहे हैं। शिवपाल राष्ट्रवादी नेता हैं और प्रदेश के लाखों लोग उनके साथ हैं।
शिवपाल यथार्थ, मुलायम भ्रम
शिवपाल सिंह यादव यूथ ब्रिगेड के संयोजक अमित जानी का कहना है कि चाचा शिवपाल लक्ष्मण होने का यथार्थ हैं, लेकिन मुलायम उनके बड़े भार्इ राम होने के भ्रम में हैं। सपा की महाभारत में जीतेगा वही, जिसके साथ कृष्ण जैसे सारथी होंगे। जानी का कहना है कि 1992 में सपा को खड़ा करने और इसे मजबूत करने में मुलायम सिंह यादव के साथ शिवपाल सिंह यादव का भी पूरा सहयोग रहा है। मुलायम जानते भी हैं, लेकिन वह पुत्र मोह को नहीं छोड़ पा रहे हैं। इसलिए कोर्इ राजनीतिक घोषणा भी नहीं कर पा रहे हैं। शिवपाल सिंह यादव और उनके समर्थक कन्फ्र्यूज हैं, इसलिए असमंजस्य की स्थिति बनी हुर्इ है।
2019 की तैयारी जरूरी
शिवपाल सिंह यादव के समर्थकों का मानना है कि 'चाचा जी' को 2019 की तैयारी के लिए अभी से अपने कंधों पर बंदूक रखकर जुट जाना चाहिए, क्योंकि उन्होंने प्रदेशभर में काम किया है। हर जिले में उनके समर्थक हैं, वह राष्ट्रवाद का झंडा लेकर आगे बढ़ेंगे, तो हर जनपद से उनके समर्थक जुड़ेंगे।
Published on:
25 Sept 2017 09:30 pm
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