
मेरठ. आवास विकास परिषद की आवासीय कालोनी में चेंज ऑफ पर्पज के मामले में मेरठ के शास्त्रीनगर की सेंट्रल मार्केट की 34 दुकानों के ध्वस्त करने के इलाहाबाद हार्इकोर्ट के आदेश पर व्यापारियों के होश उड़ गए हैं। कार्रवार्इ से पहले यहां व्यापारियों ने धरना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को रुकवाने के उपाय तलाशने के लिए बैठकों का दौर जारी है। इस बीच सांसद राजेंद्र अग्रवाल, पूर्व विधायक व पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, दक्षिण विधायक सोमेंद्र तोमर ने आश्वासन दिया है कि इस संबंध में कोर्इ न कोर्इ समाधान निकाल लिया जाएगा, क्योंकि मामला सीएम दरबार तक पहुंच गया है। सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों ने सोमवार से 27 सितंबर तक सेंट्रल मार्केट बंद रखने और उसके बाद अनिश्चितकालीन बंद करने का ऐलान किया गया है। पहले दिन की बंदी में शास्त्रीनगर और जागृति विहार की दुकानें भी शामिल हो गर्इ हैं।
मार्केट बंद, धरना शुरू
सेंट्रल मार्केट व्यापार संघ के पदाधिकारियों ने सेंट्रल मार्केट तीन दिन तक बंद रखने के निर्णय के बाद यहां धरना शुरू कर दिया है। शहर के विभिन्न व्यापार संघों के पदाधिकारियों ने भी इनको अपना समर्थन दिया है। सांसद व अन्य विधायकों ने सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों को भरोसा दिलाया है कि त्योहार के दिनों में इन दुकानों को कोर्इ नुकसान नहीं पहुंचाने दिया जाएगा। मामला सीएम दरबार तक पहुंच गया है, इसलिए कोर्इ न कोर्इ रास्ता जरूर निकाला जाएगा। पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने डीएम समीर वर्मा को पत्र लिखकर त्योहार के समय में इस कार्रवार्इ को तीन महीने के लिए रोकने की मांग की है।
समर्थन में आए कर्इ संगठन
सेंट्रल मार्केट की 34 दुकानों के ध्वस्तीकरण के खिलाफ कर्इ संगठनों ने समर्थन देना शुरू कर दिया है। दरअसल, करीब तीन साल पहले भी इन दुकानों के ध्वस्तीकरण को लेकर यही स्थिति बनी थी, तब यह मामला टल गया था। तब भी सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों को सभी संगठनों का समर्थन मिला था। इस बार भी अनेक संगठनों ने सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों को भरोसा दिलाया है और समर्थन देने का वादा किया है।
Published on:
25 Sept 2017 10:07 pm
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