
मेरठ। मेरठ जनपद रेड जोन में होने के साथ-साथ रोजाना काफी संख्या में मिल रहे कोरोना संक्रमित मरीजों के कारण यूपी बोर्ड की परीक्षाओं का मूल्यांकन कार्य अगले आदेश तक स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। मंगलवार से पांच केंद्रों पर मूल्यांकन कार्य शुरू होना था, लेकिन सोमवार की देर शाम शासन ने इस संबंध में आदेश जारी किया। यूपी बोर्ड के पांच क्षेत्रीय कार्यालयों में से एक मेरठ परिक्षेत्र में चार मंडल आते हैं। इनमें 17 जिले शामिल हैं। इनमें से सिर्फ हाथरस ही ग्रीन जोन में है, बाकी रेड जोन और आरेंज जोन में हैं। सिर्फ हाथरस में ही आज से मूल्यांकन कार्य शुरू होगा।
जिला विद्यालय निरीक्षक गिरिजेश चौधरी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि सोमवार की शाम को शासन ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से सभी जनपदों की जानकारी ली। इसके बाद अगले आदेश तक मूल्यांकन कार्य स्थगित करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि इससे पहले हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं का मूल्यांकन कार्य पांच से 25 मई तक कराए जाने का निर्णय था। उन्होंने बताया कि मूल्यांकन कार्य अब नहीं होगा। शासन ने शिक्षकों की सुरक्षा के मद्देनजर अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है। वहीं, मूल्यांकन कार्य को लेकर माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा पहले से ही मूल्यांकन कार्य शुरू कराए जाने का विरोध कर रही थी।
मेरठ के पांच केंद्रों पर करीब छह लाख कॉपियों के मूल्यांकन का कार्य मंगलवार से शुरू होना था। कुछ छह लाख से ज्यादा कॉपियों में से अभी तक 53 हजार कॉपियों जांची जा चुकी हैं। ऐसे में मेरठ में मूल्यांकन कार्य अगले आदेश तक स्थगित किए जाने से यूपी बोर्ड के रिजल्ट में देरी होगी। जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि अगले आदेश तक मूल्यांकन कार्य स्थगित होने के कारण अभी यह नहीं कहा जा सकता कि रिजल्ट कब तक आएगा। अगला आदेश आने के बाद मूल्यांकन शुरू कराया जाएगा।
Published on:
05 May 2020 10:03 am
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