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RSS कार्यकर्ता की हत्या का खुलासा, CCTV वीडियो में देखिए कैसे हुआ मर्डर

बोरे में नाले के पास फेंका मिला था RSS कार्यकर्ता का शव, पुलिस ने 24 घंटे में किया खुलासा

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मेरठ

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pallavi kumari

Nov 21, 2017

rss worker

rss worker

मेरठ. जिले के थाना मेडिकल क्षेत्र में हुए व्यपारी व संघ नेता RSS का रविवार को हुए मर्डर का मंगलवार को मेरठ पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने महज 24 घंटो के अंदर हत्यारोपियों को ढूंढ निकला और आलाकत्ल बरामद कर लिया, इस खुलासे को क्राइम ब्रांच और थाना सिविल लाइन ने संयुक्त रूप से किया है।

पुलिस की गिरफ्त में आए बसंत कुमार, आशु कपूर और सुशील कुमार इन तीनों ने मिलकर पहले तो सुनील गर्ग की हत्या का प्लान बनाया और उसके बाद रविवार की शमा व्यापारी को फोन करके बुलाया और उसके बाद उसको अगवा करके रात को व्यापारी की चाकुओं से गोदकर निर्मम हत्या कर दी। जिसके बाद तीनों ने एक साथ मिलकर रिक्शे में व्यापारी के शव को बोरे में भरकर ले गए और मंगल पांडे नगर के नाले के पास फेंक दिया। इस दौरान मृतक सुनील के परिजन सुनील की तलाश में भटकते रहे, और व्यापारी के न मिलने पर एसपी सिटी मान सिंह चौहान से शिकायत की, लेकिन रात को ही नाले के पास शव को देखकर लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी तो मामले का पता चल गया। हांलाकि हत्यारों ने कोई सुराग नहीं छोड़ा था, लेकिन इस हत्या के बाद से लोगों के में उबाल पैदा हो गया, गुसाई भीड़ ने हापुड़ रोड जाम कर दिया था और जमकर हंगामा करते हुए पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। सुनील गर्ग संघ से भी जुड़े हुए थे, जिसके चलते बीजेपी के लोग भी मौके पर पहुंच गए और जल्द ही घटना के खुलासे का दबाव बनाने लगे।

वीडियो देखने के लिए यहां किल्क करें- https://youtu.be/HSW9IaFpWT8


उधर पुलिस पर पूरा दबाव आ गया, पुलिस ने अपनी जाँच शुरू की, जहां आसपास के सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया, तो एक ऐसा ही रिक्शा दिखाई दिया, जिसमें बोरा रखा हुआ था, उसके साथ तीन लोग थे, पुलिस का शक गहरा हो गया, पुलिस ने अपने सर्विलांस की मदद ली तो एक नंबर सामने आया जिससे मृतक के नंबर के अलावा कुछ दिन पहले एक और व्यपारी को धमकी मिली थी, पुलिस ने नंबर और सीसीटीवी की मद्दद से अपनी जाँच को आगे बढ़ाया तो ये तीनों आरोपी सामने आए।

वीडियो देखने के लिए यहां किल्क करें-https://youtu.be/jESHP0Zp-fQ

आरोपी बसंत की मानें तो वो टोटी का काम करता था, पिता की मौत के बाद बसंत को टोटी के काम में घाटा होने लगा, बसंत मृतक सुनील गर्ग से उधार लोहा लिया करता था, जिसके चलते उसपर मृतक का कर्जा हो गया था, मृतक लगातार अपने पैसे आरोपी से मांगने लगा, लेकिन दबाव बढ़ता गया, तो बसंत ने अपने यहां काम करने वालो के साथ मिलकर सुनील गर्ग को रस्ते से हटाने का मन बना लिया, योजना के मुताबिक पहले तो आरोपी सुनील का अपहरण करते और उसके बाद 20 लाख की रंगदारी वसूलते और बाद में सुनील को मार देते, लेकिन आरोपियों ने जल्दी जल्दी में सुनील को मार दिया और रंगदारी के लिए कोई कॉल नहीं की, लेकिन आखिर में तीनों पकड़े गए।