14 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Weather Alert: कोहरे की आगोश में कई जिले, मौसम में बदलाव के कारण अभी और पड़ेगी ठंड

Highlights: -दिन की शुरुआत फिर घने कोहरे के साथ -वेस्ट यूपी के कई जिलों को कोहरे ने आगोश में लिया -मौसम विभाग के मुताबिक अभी और सताएगी ठंड -शुक्रवार को तापमान में गिरावट दर्ज की गई

2 min read
Google source verification

मेरठ

image

Rahul Chauhan

Feb 12, 2021

  cold

cold

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

मेरठ। फरवरी माह करीब आधा बीत चुका है। लेकिन मेरठ समेत वेस्ट यूपी के कई जिलों को अभी भी कोहरे से दो-चार होना पड़ रहा है। कोहरे के चलते ठंड भी लोगों का पीछा छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। पिछले दो दिन से वातावरण में गर्मी के बाद शुक्रवार को मेरठ सहित वेस्‍ट यूपी में मौसम का मिजाज कुछ बदलता हुआ दिखा। कारण, तापमान में गिरावट दर्ज की गई और कोहरा भी बना रहा। माना जा रहा है कि आगामी शनिवार और रविवार को भी सुबह की शुरुआत घने कोहरे के साथ होगी। दिन में धूप निकलने के भी संकेत हैं।

यह भी पढ़ें: 400 साल बाद बन रहा खास योग, इस तरह करेंगे पूजा तो मिला मनवांछित फल

शुक्रवार को न्‍यूनतम पारा 9 डिग्री और अधिकतम पारा 21 डिग्री तक बना रहा। दिन में तापमान बढने की संभावना व्यक्त की जा रही है। घने कोहरे का असर आम जनजीवन पर पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार सुबह और शाम के समय अभी शीत लहर का प्रकोप जारी रहेगा। वेस्‍ट यूपी में पारा कुछ गिरने से राहत मिली है। गुरूवार की अपेक्षा शुक्रवार को मेरठ के अधिकतम तापमान में 3 डिग्री और न्यूनतम तापमान में सामान्य से 2 डिग्री कम का अंतर देखा गया। दिल्ली और मुजफ्फरनगर में रात का पारा कम रहा, पर दिन में पारा मेरठ से ज्यादा रहा। हवा की रफ्तार इन दिनों 5 किमी प्रति घंटा है।

यह भी देखें: बच्चे को बचाने के चक्कर में नदी में डूबा युवक

बता दें कि पर्वतीय इलाकों की ठंड एक बार फिर हवा के साथ पश्चिम उत्तर प्रदेश में उतर आई है। शुक्रवार का दिन गलन और कोहरे के चलते ठंड बढ़ गई। मौसम ने अचानक करवट ली है। एनसीआर और पश्चिम उत्तर प्रदेश में मौसम बदल गया है। गुरुवार को जहां मौसम साफ था, वहीं शुक्रवार को सुबह के समय घना कोहरा छाया हुआ है। मौसम विभाग ने सुबह 7:30 बजे 20 मीटर से कम दृश्यता दर्ज की। आर्द्रता का अधिकतम प्रतिशत 100 रहा। कृषि प्रणाली संस्थान के प्रधान मौसम विज्ञानी डा. एन सुभाष ने बताया कि वातावरण में नमी उच्च स्तर और पारा लुढ़कने के कारण अधिक ऊंचाई वाले बादलों का निर्माण हो गया। ठीक से धूप न निकलने के कारण लोगों को हाड़ कंपाने वाली ठंड का सामना करना पड़ा।