
फायर सेफ्टी इंजीरियरिंग कालेज में आग बुझाने के तरीके सीखते छात्र
आग से खेलना करियर को चमका सकता है। आग लग गई तो उसे बुझाने के लिए ऐसा आदमी या टीम चाहिए जो आग की किस्म, आग लगने के कारण,आग बुझाने के तरीके, आग बुझाने के सामान और आग में घिरे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के हुनर की जानकारी रखती हो।
डिप्लोमा से लेकर बीए फायर तक ये होनी चाहिए योग्यता
इस क्षेत्र में जितनी जरुरत डिग्री की है। आग बारुद से भरे कारखानों में लग सकती है और केमिकल फैक्ट्री में भी, घनी आबादी वाले इलाकों व जंगलों में। ऐसे में साहस, धैर्य के साथ लीडरशिप क्वालिटी, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता का होना जरूरी है। डिप्लोमा या डिग्री में दाखिले के लिए 12वीं पास होना अनिवार्य है।
कुछ पदों के लिए बीई फायर की डिग्री अनिवार्य है। इसमें प्रवेश के लिए ऑल इंडिया एंट्रेंस एक्जाम होता है। डिप्लोमा से लेकर बीए फायर करके पदों तक पहुंच सकते हैं। प्रमुख संस्थान में दिल्ली कॉलेज ऑफ फायर सेफ्टी इंजीनियरिंग, नई दिल्ली ,www.dcfse.com लीडिंग फायरमैन, फायरमैन बनने के बाद विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण कर लीडिंग फायरमैन बना जा सकता है।
एक फायर स्टेशन में होती है ये टीम
फायरमैन की टीम हर फायर स्टेशन में तैनात होती है। फायरमैन ही वह व्यक्ति होता है जो सीधे सीधे आग से जूझता है। स्टेशन ऑफिसर किसी भी फायर स्टेशन का प्रमुख स्टेशन ऑफिसर होता है जो न सिर्फ फायर स्टेशन की टीम को लीड करता है। बल्कि अपने क्षेत्र की पूरी जानकारी भी रखता है। दिल्ली कॉलेज ऑफ फायर सेफ्टी इंजीनियरिंग के डायरेक्टर जेड.एस.लाकड़ा ने बताया कि आज इस क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं उभरी हैं।
हर क्षेत्र में फायर इंजीनियर की जरूरत
फायर इंजीनियर की जरूरत अग्निशमन विभाग के अलावा आर्किटेक्तर और बिलिंडग निर्माण, इंश्योरेंस एसेसमेंट, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, रिफाइनरी, गैस फैक्ट्री, निर्माण उद्योग, प्लास्टिक, एलपीजी तथा केमिकल्स प्लांट, बहुमंजिली इमारतों व एयरपोर्ट हर जगह इनकी खासी मांग है।
Published on:
13 Dec 2022 11:19 am
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